Mon. Dec 1st, 2025
Spread the love

जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

मुंबई। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और बॉलीवुड के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र का सोमवार 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। मुंबई स्थित उनके निवास पर सुबह एक एंबुलेंस पहुंचने की खबर फैलते ही फैंस और मित्रों में चिंता बढ़ गई थी। हाल के दिनों में उनकी तबीयत खराब थी और उन्हें मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। वहीं से वापसी के बाद उनके स्वास्थ्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई थी।


धर्मेंद्र का निधन उनकी 90वीं वर्षगाँठ से ठीक दो सप्ताह पहले हुआ। वह 8 दिसंबर 2025 को अपना 90वाँ जन्मदिन मनाने वाले थे, लेकिन इससे पहले ही उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया।

8 दिसंबर 1935 को पंजाब के सँदीआ गाँव में जन्मे धर्मेंद्र ने 1960 में फिल्म ‘दिल भी तेरा हम भी तेरे’ से बॉलीवुड में कदम रखा और देखते-ही-देखते लाखों दिलों पर राज करने लगे। अपने करियर में वे 300 से अधिक फिल्मों में नजर आए और एक्शन, रोमांस, कॉमेडी, भावनात्मक किरदार — हर शैली में दर्शकों का दिल जीता।

धर्मेंद्र की कुछ यादगार फ़िल्में

शोले (1975)

मेरे गाँव मेरा देश (1971)

सीता और गीता (1972)

धर्मवीर (1977)

फूल और पत्थर (1966)

सत्यकाम (1969) — जिसे उनके करियर की श्रेष्ठ फिल्मों में गिना जाता हैं

धर्मेंद्र सिर्फ अपने अभिनय के लिए नहीं, बल्कि अपने दमदार संवाद-अदायगी के लिए भी हमेशा याद किए जाएँगे:

“बसंती, इन कुत्तों के सामने मत नाचना!” — शोले

“जो डर गया… समझो मर गया।” — फूल और पत्थर

“कुत्ते, कमीने… मैं तेरा खून पी जाऊँगा!” — यादों की बारात

“जब तक इस धरती पर सूरज चाँद रहेगा, धरमवीर का नाम रहेगा।” — धर्मवीर

इन संवादों ने उन्हें हिंदी सिनेमा का सबसे स्टाइलिश और दमदार हीरो बना दिया।

धर्मेंद्र को 2012 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। वे 2004 से 2009 तक सांसद भी रहे और जनता की सेवा के प्रति समर्पित रहे।
फ़िल्म इंडस्ट्री में उन्हें बॉलीवुड का ‘ही-मैन’ कहा जाता था — एक्शन की दुनिया में उन्होंने जो पहचान बनाई, वह सदियों तक मिसाल बनी रहेगी।

उनके निधन की खबर के बाद मुंबई में बड़ी संख्या में प्रशंसक और फ़िल्मी हस्तियां उनके घर पर पहुँच रही हैं। प्रधानमंत्री, अभिनेता, निर्देशक और क्रिटिक्स सभी ने श्रद्धांजलि संदेश साझा किए हैं। सोशल मीडिया पर फैंस भावुक पोस्ट के साथ उन्हें याद कर रहे हैं।

धर्मेंद्र का जाना भारतीय सिनेमा के एक महान अध्याय का अंत है। उनकी मुस्कान, उनका अंदाज़, उनका संवाद-उच्चारण और सादगी — सबको हमेशा याद रहेगा।
उन्होंने सिर्फ फिल्में नहीं दीं, बल्कि करोड़ों दिलों को खुशी दी, प्रेरित किया और जीवन भर मनोरंजन किया।

आज पूरा देश कह रहा है—

अलविदा धर्म पाजी — सिनेमा हमेशा तुम्हारा नाम श्रद्धा के साथ लेगा।”