Mon. Dec 1st, 2025
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा, जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में जिला गंगा सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद की नदियों को स्वच्छ रखने, नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने तथा सीवरेज का वैज्ञानिक तकनीक से निस्तारण करने समेत विभिन्न विषयों को लेकर व्यापक चर्चा हुई।
जिलाधिकारी ने बैठक में पूर्व बैठकों में दिए निर्देशों की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि अल्मोड़ा नगर के सभी 38 नालों के डिस्चार्ज का चिन्हीकरण करते हुए उसके ट्रीटमेंट हेतु व्यापक सर्वे किया जाए। उन्होंने कहा कि सर्वे में सबसे पहले स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाए। इसके लिए अतिरिक्त धनराशि को व्यय न करें बल्कि सरकारी धन का सदुपयोग करते हुए अपने संसाधनों का शत प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जल्द से जल्द यह सर्वे कर लिया जाए , जिससे इसका डीपीआर बनकर शासन को प्रेषित किया जा सके।
जिलाधिकारी ने अल्मोड़ा नगर के वस्तृत सीवरेज नेटवर्क का भी पता लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने इसके लिए लोक निर्माण विभाग, पेयजल निगम तथा ग्रामीण निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंताओं की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए तथा समिति के लिए निर्देश जारी किए कि नगर के सीवरेज सिस्टम को सुव्यवस्थित करने संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।


जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में भी व्यापक स्वच्छता बनाए रखने, सीवरेज बहाव को नदियों में जाने से रोकने तथा शोक पिट बनाने संबंधी आवश्यक दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वजल के माध्यम से इस पर कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए।

जिलाधिकारी ने नगर अल्मोड़ा की कूड़ा निस्तारण प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सोर्स सेग्रीगेशन की ओर ध्यान दिया जाए। उन्होंने कूड़ा निस्तारण के लिए बेहतर प्रक्रिया स्थापित करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर किन्हीं दो वार्ड का चयन करें तथा वहां सोर्स सेग्रीगेशन के लिए लोगों में जागरूकता लाएं तथा उन्हें इसके लिए प्रोत्साहित भी करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, जिला विकास अधिकारी एसके पंत, प्रोफेसर जेएस रावत, जिला परियोजना अधिकारी गंगा सुरक्षा समिति रंजीता समेत संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे ।