जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़
अल्मोड़ा/उत्तराखंड अंकिता भंडारी जैसे जघन्य हत्याकांड में जहां पूरा प्रदेश आज भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है, वहीं भाजपा महिला मोर्चा द्वारा कांग्रेस का पुतला दहन किया जाना न केवल संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है, बल्कि यह साफ संकेत है कि सत्ता सच से डर रही है और जनता का ध्यान भटकाने की साजिश रच रही है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज ने इस कृत्य को “न्याय के संघर्ष पर हमला” बताते हुए कहा कि भाजपा पुतले जलाकर यह न समझे कि वह सच्चाई को जला देगी। उन्होंने दो टूक कहा—
“अंकिता की हत्या भाजपा शासनकाल में हुई, आरोपी भाजपा से जुड़े रहे और आज तक सत्ता के गलियारों में बैठे रसूखदारों को बचाने का खेल जारी है। कांग्रेस का पुतला जलाकर भाजपा किस अपराध पर पर्दा डालना चाहती है?”
भोज ने तीखे शब्दों में कहा कि भाजपा महिला मोर्चा का यह प्रदर्शन दरअसल इस बात का सबूत है कि भाजपा न बेटी अंकिता को न्याय दिलाना चाहती है, न ही दोषियों को सजा दिलाने का साहस रखती है। कांग्रेस शुरू से इस लड़ाई को सड़क से सदन तक लड़ रही है और आगे भी पीछे हटने वाली नहीं है।
उन्होंने भाजपा को ललकारते हुए कहा— जब सल्ट, चम्पावत और लालकुआं में बलात्कार के मामलों में भाजपा के मंडल अध्यक्ष पकड़े गए, तब भाजपा महिला मोर्चा क्यों खामोश था?
जब मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी साहू पर महिलाओं की “कीमत लगाने” जैसे घिनौने आरोप लगे, तब इनका नारी सम्मान कहां चला गया?
क्या महिला मोर्चा सिर्फ अपने दुष्कर्मी नेताओं को बचाने के लिए ही सक्रिय होता है?
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट चेतावनी दी कि भाजपा यदि इस पवित्र न्याय संघर्ष को राजनीतिक नौटंकी में बदलती रही, तो कांग्रेस कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे।
“यह लड़ाई अब बयान तक सीमित नहीं रहेगी। हर जिले, हर ब्लॉक, हर सड़क पर जनता की आवाज गूंजेगी। यह आंदोलन तब तक नहीं रुकेगा, जब तक अंकिता भंडारी के हर दोषी को सजा नहीं मिल जाती।”
उन्होंने कहा कि भाजपा को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि पुतले जलाकर जनआक्रोश को दबाया जा सकता है।
“उत्तराखंड की धरती आंदोलन की धरती है। जिसने भी यहां अन्याय किया है, उसे जनता ने जवाब दिया है—और इस बार जवाब और भी निर्णायक होगा।”
भूपेन्द्र सिंह भोज ने अंत में साफ शब्दों में कहा— “भाजपा चाहे जितनी कोशिश कर ले, कांग्रेस न डरेगी, न झुकेगी। अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई अब जनता की लड़ाई बन चुकी है।”
