Wed. Feb 4th, 2026
Spread the love

जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर धामी सरकार ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दो टूक कहा है कि अंकिता के माता-पिता द्वारा रखी गई हर मांग और सुझाव पर सरकार निर्णायक कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। सीएम ने साफ शब्दों में कहा कि यह सिर्फ एक आपराधिक मामला नहीं, बल्कि एक बेटी और बहन की नृशंस हत्या का प्रश्न है, जिसमें पीड़ित परिवार का दर्द सर्वोपरि है और न्याय से कोई समझौता नहीं होगा।
बृहस्पतिवार को देहरादून जिले के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने भावुक लेकिन कड़े शब्दों में कहा कि सबसे बड़ा आघात अंकिता के माता-पिता को लगा है, जिन्होंने अपनी बेटी खोई है। सरकार उनके दर्द को पूरी गंभीरता से समझती है और पहले दिन से ही यह रुख रहा है कि पीड़ित परिवार जिस भी तरह की जांच या कार्रवाई की मांग करेगा, सरकार उसके लिए पीछे नहीं हटेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हालिया मुलाकात में माता-पिता ने कई अहम बिंदु सामने रखे हैं। इन पर जल्द निर्णय लिया जाएगा, लेकिन सरकार कोई भी कदम जल्दबाजी या दबाव में नहीं, बल्कि कानून की कसौटी पर कसकर उठाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी कानूनी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है ताकि फैसला मजबूत, न्यायसंगत और टिकाऊ हो।
इस दौरान सीएम धामी ने अंकिता की मौत पर सियासत करने वालों को कठघरे में खड़ा करते हुए तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वायरल ऑडियो के नाम पर गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर प्रदेश में भ्रम और अस्थिरता फैलाने की कोशिश की गई। ऐसे लोगों को उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा—जनता सब देख रही है और राजनीतिक स्वार्थ के लिए न्याय के मुद्दे से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सीएम ने यह भी कहा कि एक और ऑडियो सामने आया है, जिस पर विपक्ष को स्पष्ट और ईमानदार रुख अपनाना चाहिए। यदि उसमें भ्रामक या भड़काऊ सामग्री है, तो प्रदेश की जनता से माफी मांगना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने दोहराया कि कानून अपना काम करेगा और कोई भी व्यक्ति या दल कानून से ऊपर नहीं है।
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के बाद एसआईटी लगातार जांच में जुटी हुई है। मामले से जुड़े हर तथ्य, हर घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए सरकार कानूनी राय ले रही है। अंकिता के माता-पिता द्वारा उठाए गए मुद्दों पर भी इसी प्रक्रिया के तहत गंभीरता से विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री धामी ने स्पष्ट संदेश दिया—सरकार का एकमात्र लक्ष्य न्याय है। पीड़ित परिवार की भावनाओं का पूरा सम्मान किया जाएगा और कानून के दायरे में रहकर, जल्द ही इस मामले में ठोस और निर्णायक फैसला लिया जाएगा। न्याय होगा, और होकर रहेगा।