जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा जनपद में वनाग्नि की संभावित घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के उद्देश्य से आज सिमतोला इको पार्क में वनाग्नि रोकथाम एवं नियंत्रण संबंधी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को सुदृढ़ करना तथा आपदा की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करना रहा।
मॉक ड्रिल के तहत प्रातः 11:15 बजे सिमतोला इको पार्क क्षेत्र में आग लगने की काल्पनिक सूचना प्राप्त होते ही आपदा प्रबंधन तंत्र को तत्काल सक्रिय किया गया। राहत एवं बचाव कार्यों के संचालन हेतु स्टेजिंग एरिया वन चेतना केंद्र (एनटीडी) में स्थापित किया गया।
अभ्यास के दौरान वन विभाग की टीम ने फायर लाइन निर्माण, बीटर एवं अन्य उपकरणों की सहायता से आग पर नियंत्रण की कार्यवाही का प्रदर्शन किया। पुलिस विभाग द्वारा क्षेत्र की घेराबंदी, यातायात नियंत्रण एवं भीड़ प्रबंधन की जिम्मेदारी निभाई गई। वहीं राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) एवं राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास करते हुए घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। चिकित्सा विभाग द्वारा प्राथमिक उपचार एवं एम्बुलेंस सेवा उपलब्ध कराई गई, जबकि आपदा प्रबंधन विभाग ने समन्वय स्थापित करते हुए संपूर्ण कार्यवाही की निगरानी की।
मॉक ड्रिल के माध्यम से विभागीय तैयारियों का आकलन किया गया तथा आवश्यक सुधार बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। संपूर्ण अभ्यास का निरीक्षण वन संरक्षक, उत्तरी कुमाऊँ वृत्त चंद्रशेखर जोशी द्वारा किया गया, जिन्होंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।
इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी दीपक सिंह ने कहा कि इस प्रकार के अभ्यास वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया देने की क्षमता को मजबूत करते हैं तथा जन-धन की संभावित हानि को न्यूनतम करने में सहायक सिद्ध होते हैं।
जनपद प्रशासन ने आमजन से वनाग्नि की घटनाओं के प्रति सतर्क रहने एवं किसी भी आपात स्थिति की सूचना तत्काल संबंधित विभागों को देने की अपील की है।
मॉक ड्रिल के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी सिविल सोयम प्रभाग प्रदीप धौलाखंडी, आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल, रेंजर मनोज सनवाल, राजस्व विभाग के कार्मिक तथा अन्य संबंधित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
