जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा जिले में पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अंशुल ने बुधवार को कोसी बैराज का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बैराज की कार्यप्रणाली का जायजा लेते हुए अधिकारियों को जलापूर्ति में आ रही बाधाओं का त्वरित समाधान कर शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम में नदी में सिल्ट युक्त पानी आने से जलापूर्ति प्रभावित होती है। ऐसे में इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए गंभीरता और तत्परता से कार्य किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अल्मोड़ा की पेयजल व्यवस्था के लिए कोसी बैराज अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसके रखरखाव एवं संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अधिशासी अभियंता जल संस्थान नीरज तिवारी ने जिलाधिकारी को बताया कि पहली बरसात के बाद नदी में अवसाद (सिल्ट) की मात्रा बढ़ने से जलापूर्ति में अस्थायी व्यवधान उत्पन्न हो जाता है। इस स्थिति से निपटने के लिए विभाग लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि पंप संचालन में दिक्कत आने पर रोस्टर के अनुसार जलापूर्ति की जाती है तथा पंपों की मरम्मत और उन्हें जल्द चालू करने के प्रयास किए जाते हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए विभाग पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रहा है।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता सिंचाई मोहन सिंह रावत, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।