जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के प्रभावी एवं सफल क्रियान्वयन को लेकर जनपद के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं उनके द्वारा नामित बीएलए-1 के साथ महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित बनाए जाने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों एवं बीएलए-1 को एसआईआर की प्रक्रिया, दायित्वों और महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी।
जिलाधिकारी ने संबंधित सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को प्राप्त नोटिसों के निस्तारण एवं सत्यापन के लिए सुनवाई प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जनपद में कुल 98,529 नोटिसों की सुनवाई के लिए 856 मतदेय स्थल निर्धारित किए गए हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार द्वाराहाट विधानसभा क्षेत्र में 16,962 नोटिसों की सुनवाई 149 मतदेय स्थलों पर 29 जुलाई से 18 अगस्त 2026 तक की जा रही है। सल्ट विधानसभा क्षेत्र में 18,668 नोटिसों की सुनवाई 112 मतदेय स्थलों पर 3 अगस्त से 3 सितंबर 2026 तक होगी।
इसी प्रकार रानीखेत विधानसभा क्षेत्र में 12,020 नोटिसों की सुनवाई 140 मतदेय स्थलों पर 29 जुलाई से 2 सितंबर तक, जबकि सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में 14,056 नोटिसों की सुनवाई 156 मतदेय स्थलों पर 3 अगस्त से 26 अगस्त तक की जाएगी।
अल्मोड़ा विधानसभा क्षेत्र में 19,266 नोटिसों की सुनवाई 142 मतदेय स्थलों पर 1 अगस्त से 31 अगस्त तक तथा जागेश्वर विधानसभा क्षेत्र में 17,557 नोटिसों की सुनवाई 187 मतदेय स्थलों पर 1 अगस्त से 26 अगस्त 2026 तक निर्धारित की गई है।
बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने एसआईआर के दौरान सामने आ रही विभिन्न समस्याओं एवं प्रक्रियात्मक विषयों को अधिकारियों के समक्ष रखा और प्रक्रिया को सुगम एवं प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रतिनिधियों द्वारा उठाई गई समस्याओं का नियमानुसार समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा जाए, ताकि मतदाता सूची को अधिक विश्वसनीय और त्रुटिरहित बनाया जा सके।
बैठक में अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी भरत सिंह रावत, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
