Wed. Aug 19th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़

अल्मोड़ा, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय (SSJU) की कार्यप्रणाली को लेकर युवा कांग्रेस नेता गोपाल भट्ट ने गंभीर सवाल उठाते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति सतपाल बिष्ट पर छात्र हितों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों से विश्वविद्यालय लगातार विभिन्न विवादों और अनियमितताओं के आरोपों के चलते सवालों के घेरे में है। यदि प्रशासन इन मामलों में सही है तो उसे आरोपों का दस्तावेजों के साथ सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए।
गोपाल भट्ट ने कहा कि विश्वविद्यालय में समय पर प्रवेश, परीक्षाओं के आयोजन और परिणाम जारी करने को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। विकास कार्यों, शिक्षक रोस्टर, अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति एवं तैनाती तथा विभिन्न कार्यों की जिम्मेदारियों को लेकर भी विवाद सामने आते रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्धारित शैक्षणिक दायित्वों से अलग मल्टी-पर्पज कार्य भी अतिथि शिक्षकों से कराए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
उन्होंने विधि संकाय के लॉ पाठ्यक्रम की BCI मान्यता के मामले को भी गंभीर बताते हुए कहा कि मान्यता को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से दावे किए जा रहे हैं, लेकिन संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। उनका कहना है कि इस स्थिति के कारण छात्रों और अभिभावकों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने छात्रों से BCI के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिए जाने के आरोपों पर भी विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्ट जानकारी और संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की।
गोपाल भट्ट ने 16 अगस्त को आयोजित B.Ed. Entrance Exam की Answer Key को लेकर विद्यार्थियों की ओर से दर्ज कराई जा रही आपत्तियों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा की प्रक्रिया विश्वविद्यालय के जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी में होती है, ऐसे में प्रश्नों और उत्तरों को लेकर बड़े स्तर पर आपत्तियां सामने आना गंभीर विषय है। विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि Mass Communication, BBA सहित कई स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में पर्याप्त नियमित शिक्षकीय व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जबकि विद्यार्थियों से पूरी फीस ली जा रही है। विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित कक्षाएं, समय पर परीक्षाएं और समय पर परिणाम मिलना उनका अधिकार है।
गोपाल भट्ट ने विश्वविद्यालय की लगातार घटती छात्र संख्या को लेकर भी प्रशासन से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं और छात्र संख्या लगातार न्यूनतम स्तर की ओर जा रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को पिछले तीन वर्षों की अपनी उपलब्धियों और छात्र हित में किए गए ठोस कार्यों का सार्वजनिक ब्यौरा देना चाहिए।
उन्होंने ठेकेदारी, खरीद, निर्माण कार्य, नियुक्तियों और अन्य वित्तीय मामलों में पारदर्शिता की मांग करते हुए कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है तो विश्वविद्यालय प्रशासन को संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक करने में कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
गोपाल भट्ट ने कुलपति से सवाल करते हुए कहा कि छात्रों से पूरी फीस लेने के बावजूद उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और समय पर परीक्षा-परिणाम क्यों नहीं मिल रहे हैं? BCI मान्यता से संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे? B.Ed. Entrance Exam की Answer Key को लेकर इतनी आपत्तियां क्यों सामने आईं? शिक्षक व्यवस्था और अतिथि शिक्षकों को लेकर लगातार सवाल क्यों उठ रहे हैं? विकास एवं खरीद कार्यों में पारदर्शिता क्यों सुनिश्चित नहीं की जा रही है और कोर्ट के आदेशों की कथित अनदेखी क्यों हो रही है?
उन्होंने कहा कि अब छात्रों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई चाहिए। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार उठ रहे सवालों और विवादों का समाधान करने में असमर्थ है तथा छात्र हितों की रक्षा नहीं कर पा रहा है तो कुलपति को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
गोपाल भट्ट ने कहा कि SSJU को राजनीतिक संरक्षण या व्यक्तिगत हितों का केंद्र नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य का विश्वविद्यालय बनाना होगा। उन्होंने कहा कि छात्र हित सर्वोपरि हैं और पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित होने तक छात्र हितों की आवाज उठाने का संघर्ष जारी रहेगा।