जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा ऐतिहासिक मां नंदादेवी मेले की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। 16 सितंबर से शुरू होने वाले इस बहुप्रतीक्षित मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए इस बार भी एडम्स इंटर कॉलेज मैदान को प्रमुख स्थल बनाया गया है। आयोजन स्थल को लेकर अब नगर में सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि जब सरकार ने करोड़ों रुपये खर्च कर नगर के बीचों-बीच स्थित ऐतिहासिक मल्ला महल का निर्माण और सौंदर्यीकरण किया है, तो फिर नंदादेवी मेले जैसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन वहां क्यों नहीं कराए जा रहे हैं?
स्थानीय लोगों के अनुसार पुराने कलेक्ट्रेट परिसर को विकसित कर तैयार किया गया मल्ला महल अल्मोड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थल है। इसके बावजूद अल्मोड़ा महोत्सव, नंदादेवी मेला समेत अन्य बड़े सांस्कृतिक आयोजनों के लिए बार-बार दूसरे स्थलों को प्राथमिकता दिए जाने से मल्ला महल की उपयोगिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
नगरवासियों का कहना है कि यदि नंदादेवी मेले के सांस्कृतिक कार्यक्रम मल्ला महल में आयोजित किए जाएं तो इससे ऐतिहासिक धरोहर का बेहतर उपयोग होगा और नगर के बाजार क्षेत्र में भी रौनक बढ़ेगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापारियों को मिलने के साथ ही शहर के केंद्र में लोगों को सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही, कार्यक्रम स्थल को लेकर यातायात प्रबंधन की समस्या को भी काफी हद तक कम किया जा सकता है।
लोगों का यह भी कहना है कि मल्ला महल में सांस्कृतिक आयोजनों के लिए आवश्यक खुला स्थान और वातावरण उपलब्ध है। ऐसे में लगातार एडम्स इंटर कॉलेज मैदान को ही प्राथमिकता दिए जाने का कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा है। नगर में यह चर्चा भी है कि मेले के दौरान विद्यालय की छुट्टी अथवा शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होती है तो इस पर भी प्रशासन और मेला समिति को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। विद्यालय की नियमित पढ़ाई किसी आयोजन के कारण प्रभावित होना उचित नहीं माना जा सकता।
अल्मोड़ा की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को देखते हुए अब नगरवासियों का सवाल है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर मल्ला महल को विकसित किया गया है तो उसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों का स्थायी मंच क्यों नहीं बनाया जा रहा है? नंदादेवी मेले के बहाने उठे इस सवाल पर अब जिला प्रशासन और मेला समिति की ओर से स्पष्ट जवाब की मांग उठने लगी है।