जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा अल्मोड़ा में मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। ब्लड बैंक इंचार्ज आशीष जैन पर गंभीर आरोप लगाते हुए रेडक्रॉस ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोप है कि दूर-दराज से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों के साथ अभद्र व्यवहार किया जा रहा है और उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान किया जा रहा है।
“ब्लड लेने के लिए जंग लड़नी पड़ रही”—ग्रामीण मरीज बेहाल
रेडक्रॉस पदाधिकारियों का कहना है कि बागेश्वर, पिथौरागढ़ और अन्य ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को ब्लड प्राप्त करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में तीमारदारों के आधार कार्ड तक जब्त करने जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिसे पूरी तरह अमानवीय और नियमों के खिलाफ बताया गया है।
“सरकारी सेवा या निजी साम्राज्य?”—रेडक्रॉस ने उठाए सवाल
रेडक्रॉस के प्रदेश उपाध्यक्ष मनोज सनवाल ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ब्लड बैंक इंचार्ज आशीष जैन इस आपातकालीन सेवा को अपनी निजी जागीर की तरह चला रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्राचार्य स्तर पर भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
“सरकार की मंशा पर पानी फेर रहा रवैया”—यूथ रेडक्रॉस
यूथ रेडक्रॉस अध्यक्ष अमित साह मोनू ने कहा कि सरकार ने जनहित में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की थी ताकि लोगों को आसानी से रक्त मिल सके, लेकिन मौजूदा हालात उस उद्देश्य को ही ध्वस्त कर रहे हैं।
डीएम ने लिया संज्ञान, आपात बैठक बुलाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को ब्लड बैंक की आपात बैठक बुला ली है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को इसमें उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अब सबकी नजरें प्रशासन पर—क्या होगी कार्रवाई या फिर दब जाएगा मामला?
इस पूरे घटनाक्रम ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन सख्त कदम उठाकर मरीजों को राहत देता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।
