जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़
अल्मोड़ा उत्तराखंड को झकझोर देने वाले अंकिता भंडारी हत्याकांड में अब तक न्याय न मिल पाने से आक्रोशित सर्व समाज ने आज अल्मोड़ा में एक निजी होटल में संयुक्त प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। वक्ताओं ने दो टूक कहा कि यह मामला अब केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि सरकार की नीयत, पारदर्शिता और जवाबदेही की खुली परीक्षा बन चुका है।
प्रेस वार्ता का मुख्य उद्देश्य वीआईपी एंगल की निष्पक्ष जांच और सीबीआई जांच की तत्काल मांग को मजबूती से उठाना रहा। वक्ताओं ने सवाल किया कि जब कॉल रिकॉर्डिंग जैसे अहम साक्ष्य सार्वजनिक चर्चा में हैं, तो उन्हें आधार बनाकर मामले को दोबारा कानूनी रूप से खोलने की पहल क्यों नहीं की जा रही?
वक्ताओं ने सरकार के रवैये पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि सीबीआई जांच से लगातार बचना इस बात का संकेत है कि प्रभावशाली और रसूखदार लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। यदि सरकार के हाथ साफ हैं, तो उसे केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने में डर क्यों लग रहा है?
प्रेस वार्ता में यह भी कहा गया कि अब तक की जांच प्रक्रिया, अभियोजन की दिशा और महत्वपूर्ण तथ्यों की अनदेखी यह आशंका पैदा करती है कि मामले को जानबूझकर कमजोर किया गया। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के बजाय सरकार का रवैया संवेदनहीन, असंवेदनशील और अलोकतांत्रिक नजर आ रहा है।
वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड की लड़ाई है। यह मामला प्रदेश में कानून के राज और आम नागरिक की सुरक्षा से जुड़ा है। यदि सरकार ने अब भी निष्पक्ष जांच की घोषणा नहीं की, तो जनता का विश्वास पूरी व्यवस्था से उठ जाएगा।
इसी क्रम में 8 तारीख को अल्मोड़ा में विशाल महा रैली आयोजित करने की घोषणा की गई। यह रैली गांधी पार्क से शुरू होकर पूरे बाजार क्षेत्र से गुजरेगी और सरकार को स्पष्ट संदेश देगी कि जनता अब चुप नहीं बैठेगी। यह आंदोलन न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए एक सशक्त जनआंदोलन का रूप लेगा।
प्रेस वार्ता में उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पी.सी. तिवारी, यूकेडी के केंद्रीय मंत्री गिरीश गोस्वामी, सामाजिक कार्यकर्ता विनय किरोला, हाईकोर्ट अधिवक्ता विनोद चंद्र तिवारी, भूपेंद्र सिंह वल्दिया, सुजीत टम्टा, पान सिंह लटवाल, पुष्कर सिंह, पवन सिंह, बार एसोसिएशन की महिला उपाध्यक्ष भावना जोशी, महिला समिति सचिव मंजू पंत, नीमा आर्य, दीपक आर्य सहित अनेक सामाजिक, राजनीतिक और अधिवक्ता वर्ग के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अंत में सभी वक्ताओं ने चेतावनी भरे स्वर में कहा कि जब तक अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई से निष्पक्ष जांच नहीं होती और दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलती, तब तक यह आंदोलन न रुकेगा — न झुकेगा।
