Wed. Feb 4th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़

उत्तराखंड में महिलाओं की अस्मिता की रक्षा एवं सरकार की पर्यटन नीति पर अंकिता प्रकरण एक गंभीर और शर्मनाक काला धब्बा है। उत्तराखंड लोक वाहिनी ने प्रदेश की भाजपा सरकार से मांग की है कि वह अपनी पर्यटन नीति एवं राजनीतिक कार्यशैली की गहन समीक्षा करे तथा इस प्रकार की घटनाओं पर स्थायी रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाए।
रेवती बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में वायरल हो रहे आरोप–प्रत्यारोपों की सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए, ताकि सच जनता के सामने आ सके। ऐसा न होने पर जनता सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।
वक्ताओं ने कहा कि सरकार ने धार्मिक पर्यटन के नाम पर पवित्र धार्मिक स्थलों को मौज-मस्ती का अड्डा बना दिया है। पहाड़ों में खुलेआम शराब परोसी जा रही है, जिससे युवा नशे की गिरफ्त में जा रहे हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि नाबालिग बच्चों तक को नशा बेचने का टूलकिट तैयार किया जा रहा है, जबकि इस पर प्रभावी कार्रवाई के लिए पुलिस के हाथ बंधे हुए हैं।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार एसआईआर (SIR) के माध्यम से पहाड़ों में मतदाताओं की संख्या कम कर विधानसभा सीटों को घटाने का कुचक्र रच रही है। विवाहित महिलाओं एवं रोजगार के लिए बाहर गए लोगों को अपने वोट बचाने और बनवाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि लोगों का वोट नहीं बचा, तो भविष्य में भाजपा सरकार की नागरिकता नीति के तहत उन्हें अपनी नागरिकता सिद्ध करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि वास्तविक जनसंख्या की निष्पक्ष जांच की जाए तथा परिसीमन के मानकों के लिए परिवार रजिस्टर को दुरुस्त करने के साथ-साथ भौगोलिक मानकों को भी प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा राज्य बनने से पूर्व उत्तर प्रदेश में लागू पर्वतीय निवास प्रमाण पत्र को पुनः लागू कर केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में इसका लाभ दिया जाए, ताकि पलायन पर प्रभावी रोक लग सके।
उन्होंने यह भी मांग की कि पहाड़ों में भूमि कानूनों को सख्त किया जाए तथा अंग्रेजी शासनकाल में जो शिथिलताएं थीं, उन्हें पुनः समाप्त किया जाए। अन्य पर्वतीय राज्यों की तर्ज पर भूमि की खरीद–फरोख्त पर कड़ी रोक लगाई जाए।
बैठक में पूरन चंद्र तिवारी, एडवोकेट जगत रौतेला, दयाकृष्ण कांडपाल, अजय मित्र सिंह बिष्ट, जंगबहादुर थापा, बिशन दत्त जोशी, एडवोकेट अजय मेहता, हारिस मुहम्मद सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।