Tue. Apr 14th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखंड

अल्मोड़ा जिले की आशा फैसलिटेटरों ने अपने मानदेय में बढ़ोतरी और सेवा के नियमितीकरण की मांग को लेकर जोरदार तरीके से आवाज उठाई है। इस संबंध में उन्होंने भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रवि रौतेला को उनके कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया।
ज्ञापन में आशा फैसलिटेटरों ने बताया कि उत्तराखण्ड में करीब 606 आशा फैसलिटेटर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत फील्ड वर्कर के रूप में कार्यरत हैं। इनमें अधिकांश महिलाएं वर्ष 2006 से 2010 तक आशा कार्यकर्ता के रूप में सेवाएं दे चुकी हैं और बाद में उनकी योग्यता के आधार पर फैसलिटेटर पद पर चयन किया गया।
फैसलिटेटरों का कहना है कि उनके अधीन 15 से 30 आशा कार्यकर्ता एवं उतनी ही ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी होती है। वे पूरे महीने विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें केवल 25 दिनों का ही मानदेय दिया जाता है, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम है।
उन्होंने यह भी बताया कि जहां आशा कार्यकर्ताओं को ₹3300 की प्रोत्साहन राशि मिलती है, वहीं फैसलिटेटरों को मात्र ₹2000 दिए जाते हैं, जो उनके कार्य के अनुरूप बेहद कम है।
फैसलिटेटरों ने अपनी प्रमुख मांगों में पूरे माह के कार्य के अनुसार सम्मानजनक मानदेय, सेवा का नियमितीकरण, राज्य प्रोत्साहन राशि को ₹2000 से बढ़ाकर ₹5000 करने, विभिन्न बैठकों के भुगतान में वृद्धि तथा अलग पहचान के लिए भिन्न रंग की यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने की मांग रखी है।
आशा फैसलिटेटरों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान निकालेगी।
इस दौरान संगठन की जिला अध्यक्ष श्यामा रावत, उपाध्यक्ष ममता वर्मा, कोषाध्यक्ष रेखा आर्या सहित मुन्नी बिष्ट, प्रेमा बिष्ट, शांति नयाल, ममता बिष्ट, धनूली गोस्वामी, दीपा नयाल, हेमा शर्मा, रेखा पाण्डे, मंजू जोशी, कविता, नीमा सनवाल समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।