Wed. Mar 25th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़

कांग्रेस जिला महामंत्री परितोष जोशी ने प्रेस को दिए बयान मै कहा बडे ही दुर्भाग्य का विषय है कि जिसको आपदा बताया जा रहा है, वास्तव में वो भारी मानवीय भूल है। अल्मोड़ा क्वारब मार्ग के क्षतिग्रस्त होने का मुख्य कारण नव निर्मित क्वारव पुल निर्माण के दौरान की गई घोर लापरवाही का परिणाम है जो भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओ को दिखाई ही नहीं दे रहा है। क्यों अभी तक उक्त कार्य की जाँच नहीं की गई! मार्ग बंद किसी बरसात के दौरान नहीं हुआ, बल्कि साफ आसमान वाले दिन पूरा पहाड़ भरभरा के आ गया था।
दूसरी बात माननीय मंत्री जी को ज्ञापन देने के सम्बन्ध में, तो ये बात स्वयं स्पस्ट की गई है कि हमारा सौभाग्य है कि माननीय मंत्री जी हमारे अल्मोड़ा के निवासी हैं लेकिन कई बीत जाने के बाद भी जिस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया, वो भी तब जब कि केंद्रीय परिवहन राज्य मंत्री जी अक्सर आने जाने के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं, समाधान नहीं कर पाए, तो क्या समाधान तब होगा जब उनको ज्ञापन सौंपा जाएगा!! इसका मतलब स्वयं स्पष्ट है कि जनप्रतिनिधि जो स्वयं नगर के निवासी हों, वो बिना जनता के दबाब के कार्य नहीं कर सकते! ज्ञापन, पत्र व्यवहार अधिकांक्षतः उस कार्य के लिए दिया जाता है, जिसके बारे में उक्त जनप्रतिनिधि या मंत्री को ज्ञात न हो। जो जनप्रतिनिधि और सम्बंधित विभाग के केंद्रीय राज्य मंत्री हों और उसी क्षेत्र का निवासी हो और अधिकांशतः उक्त मार्ग से आते जाते रहते हों, उन्होंने तो शीघ्रता से समस्या का समाधान करवाना चाहिए। ऐसे जनप्रतिनिधि के बारे में अगर उक्त पार्टी का कार्यकर्ता यदि कोई ज्ञापन या पत्र व्यवहार की बात करता है, तो वो स्वयं अपने नेता की कार्यशैली पर सवाल उठाता है।
क्या किसी कार्य के पैसा स्वीकृति से लेकर, वैज्ञानिक जांच, टेंडर प्रक्रिया आदि में कई महीनों से अधिक का समय लग जाता है? अल्मोड़ा क्वारब मार्ग जिलाधिकारी के निर्देशानुसार कई महीनों से रात्रि में बंद है, कई महीनों से स्थानीय व्यापारी, टैक्सी एसोसिएशन, रोगी, आम नागरिक सभी अल्मोड़ा क्वारब मार्ग और कैंची धाम के जाम से त्रस्त हैं, कभी कभी तो 7-8 घंटे लग रहें हैं अल्मोड़ा से हल्द्वानी पहुँचने में। लोगों की ट्रैन छूट रही हैं, रोगी घंटो घंटो तक जाम में फंस रहें हैं, लेकिन कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए अपने नेताओं के गुणगान में ही व्यस्त हैं। उनको आम नागरिकों की परेशानी से कोई वास्ता नहीं। उनको ये भी नहीं दिखाई दे रहा है कि बरसात का मौसम नजदीक है, ऐसे में फिर से रोड के बंद होने की पूरी संभावना है जिससे फिर से मार्ग बंद की समस्या का सामना करना पड़ेगा। और इसका असर न केवल अल्मोड़ा वरन बागेश्वर, चम्पावत, पिथौरागढ़ के लोगों पर भी पड़ेगा।


जहाँ तक जिलाधिकारी कार्यालय के घेराव का कार्यक्रम निर्धारित है, अल्मोड़ा के कई वरिष्ठ नागरिकों, व्यापारियों, टैक्सी चालक, ट्रक और ट्रांसपोर्ट मालिकों ने माननीय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत जी से मुलाक़ात कर उनसे इस समस्या का शीघ्र समाधान करवाने की बात रखी तब सभी से सलाह मशविरा कर हरीश रावत जी उक्त कार्यक्रम बनाया, जिसमें स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, टैक्सी एसोसिएशन और कांग्रेस के प्रदेश पदाधिकारियों, विधायकों, नेता प्रतिपक्ष, प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सांसदों और विधायकों और सभी कांग्रेस कार्यकर्ता भाग लेंगें।

जहाँ तक बात माननीय मंत्री नितिन गडकरी जी की है तो कई लोग पहले भी उनसे मिलने जा चुके हैं, और वो भी अपनी व्यक्तिगत समस्या ले कर ताकि उनका भवन NH में टूटने की जद में न आए और सडक का चौड़ीकरन न हो सके, और जाम कितना भी लगता रहे, लोग परेशान हो, एम्बुलेंस फसी रहे लेकिन हमें कोई दिक्कत न हो।