जनतानामा न्यूज अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा, 11 फरवरी 2026 विकासखंड भैसियाछाना के ग्राम सल्ला में पेयजल संकट को लेकर ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। बुधवार को विनय किरौला की अगुवाई में ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन (JJM) का कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा है। गांव में बिन्सर से वैकल्पिक पेयजल लाइन तो है, लेकिन वह भी पर्याप्त नहीं है। इसके चलते लगभग 800 से अधिक की आबादी लंबे समय से गंभीर पेयजल समस्या से जूझ रही है।
ग्राम प्रधान सरिता टम्टा एवं महिला समूह अध्यक्ष प्रीति बजेठा सहित कई महिलाओं ने बताया कि गांव की महिलाएं दशकों से रोज़ 5–6 किलोमीटर दूर से सिर पर पानी ढोकर लाने को मजबूर हैं। गर्मियों में हालात और भी खराब हो जाते हैं, जब रात एक बजे तक पानी भरने के लिए इंतजार करना पड़ता है।
ग्रामीण सीमा भोज ने कहा, “हमने अपना आधा जीवन पानी ढोने में लगा दिया, अब अपने बच्चों को इस तकलीफ में नहीं डालना चाहते।”
विनय किरौला ने कहा कि उनके ‘गांव चलो अभियान’ के दूसरे चरण के दौरान यह स्थिति सामने आई है, जो दर्शाती है कि उत्तराखंड गठन के 25 वर्ष बाद भी गांव बुनियादी सुविधाओं — पानी और सड़क — के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब तक गांवों को बुनियादी सुविधाओं से लैस नहीं किया जाएगा, तब तक स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार की स्थिति मजबूत नहीं हो पाएगी।
ग्रामीण पूरन सिंह देवड़ी ने बताया कि पीएमजीएसवाई के तहत सल्ला गांव की मुख्य सड़क का सर्वे तो हो चुका है, लेकिन आज तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
ग्रामीणों की जिलाधिकारी अल्मोड़ा से हुई वार्ता में जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि शुक्रवार 13 फरवरी 2026 को जल निगम, जल संसाधन एवं पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता गांव का स्थलीय निरीक्षण करेंगे और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
ज्ञापन देने वालों में विनय किरौला, ग्राम प्रधान सरिता टम्टा, महिला समूह अध्यक्ष प्रीति बजेठा, मुन्नी देवी, प्रेमा देवी, सुजीत टम्टा, कमला देवड़ी, सीमा भोज, पी.एस. देवड़ी, मंजू ठठोला, नीमा देवी सहित दर्जनों ग्रामीण मौजूद रहे।
