जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा वर्षों से बिना फार्मेसी अधिकारी के संचालित हो रहे राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय, अल्मोड़ा में अंततः अस्थायी फार्मेसी अधिकारी की नियुक्ति के आदेश जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी द्वारा जारी कर दिए गए हैं। यह निर्णय लंबे समय से चली आ रही जनहित की मांगों और प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है।
वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत फार्मेसी अधिकारी सोमवार, मंगलवार एवं बुधवार को जिला चिकित्सालय, अल्मोड़ा के कक्ष संख्या 9 में अपनी सेवाएं देंगे। साथ ही प्रशासन की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि आगामी माह से चिकित्सालय में पूर्णकालिक फार्मेसी अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी।
सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय को किसी भी परिस्थिति में बंद नहीं किया जाएगा। चिकित्सालय सोमवार से शनिवार तक (राजकीय अवकाश को छोड़कर) नियमित रूप से संचालित रहेगा, जिससे आमजन को राहत मिलेगी।
उल्लेखनीय है कि पूर्व में “कैंप ड्यूटी” के नाम पर चिकित्सकों की ड्यूटी अन्यत्र लगाए जाने के कारण अस्पताल की नियमित चिकित्सा सेवाएं प्रभावित होती रही थीं। इससे दूर-दराज़ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। इस अव्यवस्था को लेकर भी लगातार आपत्ति दर्ज कराई जा रही थी।
वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता संजय पाण्डे द्वारा इस पूरे प्रकरण में सूचना का अधिकार (आरटीआई) के माध्यम से भी पहल की गई है, जिसकी प्रक्रिया वर्तमान में प्रगति पर है। निरंतर प्रयास, जनदबाव और मीडिया के सहयोग से यह सकारात्मक निर्णय संभव हो सका।
संजय पाण्डे ने इस जनहितकारी अभियान में निष्पक्ष एवं निर्भीक सहयोग देने वाले सभी मीडियाकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसुविधाओं के संरक्षण और सुदृढ़ीकरण के लिए उनका संघर्ष आगे भी लगातार जारी रहेगा।
