Wed. Mar 4th, 2026
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ओम् आब्रह्मन् ब्राह्मणो ब्रह्मवर्चसी जायताम

आ राष्ट्रे राजन्यः शूर इषव्योऽतिव्याधी महारथो


जायताम् दोग्ध्री धेनुर्वोढ़ाऽनडुवानाशुः सप्तिः

पुरन्धिर्योषा जिष्णु रथेष्ठाः सभेयो युवास्य

यजमानस्य वीरो जायताम् निकामे निकामे

नः पर्जन्यो वर्षतु फलवत्यो न ओषधयः

पच्यन्ताम् योगक्षेमो नः कल्पताम्।

जनतानामा न्यूज़ भुवन जोशी अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

ज्योतिषचार्य कौशल जोशी (शास्त्री) प्राचीन “कुमायूँ की काशी” माला सोमेश्वर

मेष लग्न जो कि अग्नि तत्व प्रधान एवं चर राशि होने के कारण  इस लग्न या राशि के जातकों पर सूर्य के प्रभाव