Wed. Feb 4th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़

अलर्ट पर संत समाज, हर आने-जाने वाला कैमरे की ज़द में
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी की सुरक्षा को लेकर गंभीर खतरे की आशंका सामने आई है। बीते कुछ दिनों से रात के अंधेरे में कई अपरिचित लोगों की संदिग्ध आवाजाही देखी गई है, जो साफ तौर पर रेकी करते हुए नजर आए।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए भक्तों ने बिना किसी देरी के 10 हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV कैमरे स्थापित कर दिए, ताकि हर गतिविधि रिकॉर्ड हो सके और किसी भी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।
सूत्रों के मुताबिक प्रशासन की ओर से रात में अचानक पहुंचकर नोटिस चस्पा करने जैसी कार्रवाइयाँ भी की जा रही हैं, जिसने सुरक्षा को लेकर आशंकाओं को और गहरा कर दिया है। ऐसे हालात में कैमरों के ज़रिये हर व्यक्ति की पहचान और गतिविधि पर नजर रखना अनिवार्य हो गया है।
बताया जा रहा है कि एलआईयू सहित प्रदेश और केंद्र की खुफिया एजेंसियां सादी वर्दी में सक्रिय हैं, लेकिन इसके बावजूद भक्तों ने अपनी ओर से सुरक्षा की कमान संभाल ली है।
कब कौन क्या कर दे, कहा नहीं जा सकता” — मीडिया प्रभारी का बड़ा बयान
इस पूरे घटनाक्रम पर जगद्गुरु शंकराचार्य जी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज सरकार ने दो टूक कहा—
“रात में संदिग्ध लोग दिखाई दे रहे हैं। कौन आ रहा है, कौन जा रहा है—इस पर निगरानी बेहद जरूरी हो गई है। प्रशासन कब क्या रखवाकर फंसाने जैसा काम कर दे, कहा नहीं जा सकता। सुरक्षा में कोई भी चूक भारी पड़ सकती है।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि शंकराचार्य जी की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी दृष्टिकोण से यह कदम उठाया गया है।
सवाल बड़ा है — क्या संतों की सुरक्षा खुद भक्तों को संभालनी पड़ेगी?
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि
जब देश के प्रतिष्ठित धर्माचार्य की सुरक्षा पर सवाल उठें, तो जिम्मेदारी किसकी है?