जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
आज पेश किए गए केंद्रीय बजट पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे “आम जनता को निराश करने वाला और बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने वाला बजट” करार दिया। उन्होंने कहा कि देश जिस समय महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली जैसे गंभीर संकटों से जूझ रहा है, उस समय सरकार ने राहत देने के बजाय सिर्फ आंकड़ों की बाजीगरी की है।
उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन को लेकर कोई स्पष्ट और ठोस योजना नजर नहीं आती। “देश का युवा नौकरी के लिए भटक रहा है, लेकिन सरकार के पास सिर्फ भाषण हैं, समाधान नहीं,” उन्होंने कहा।
किसानों का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी पर सरकार ने फिर चुप्पी साध ली है। “किसान सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं, आत्महत्या के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन बजट में उनके लिए सिर्फ खोखले वादे हैं,” उन्होंने आरोप लगाया।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले मनरेगा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना की अनदेखी साफ दर्शाती है कि सरकार गांव और गरीब से पूरी तरह कट चुकी है। “जब गांव में काम नहीं होगा तो पलायन बढ़ेगा, गरीबी बढ़ेगी — क्या यही ‘विकास’ है?” उन्होंने सवाल उठाया।
उन्होंने यह भी कहा कि मध्यम वर्ग और गरीब तबके को राहत देने के नाम पर बजट में कोई ठोस कदम नहीं दिखता। “रसोई गैस, खाद्य पदार्थ, शिक्षा और स्वास्थ्य सब महंगे होते जा रहे हैं, लेकिन बजट में राहत नदारद है,” उन्होंने कहा।
अंत में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जनता के मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष जारी रखेगी और सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने का काम करेगी।
