जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़
अल्मोड़ा। नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी ने नगर निगम अल्मोड़ा की भूमि पर नवनिर्मित पार्किंगों के संचालन अधिकार को लेकर कड़ा विरोध जताया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि नगर निगम की भूमि पर निर्मित किसी भी पार्किंग का संचालन अधिकार केवल नगर निगम अल्मोड़ा को ही मिलना चाहिए। किसी अन्य विभाग या प्राधिकरण द्वारा इन पार्किंगों के टेंडर निकाले जाना न केवल अनुचित है, बल्कि यह नगर निगम के वैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।
तारा चंद्र जोशी ने इस स्थिति की तुलना करते हुए कहा कि यह ठीक वैसा ही है जैसे कोई व्यक्ति अपनी भूमि पर होटल का निर्माण करे और निर्माण पूर्ण होने के बाद कोई अन्य संस्था होटल का संचालन अपने हाथ में ले ले। यह न तो न्यायसंगत है और न ही स्वीकार्य।
उन्होंने बताया कि नगर निगम की भूमि पर बनी नवनिर्मित पार्किंग की निविदा जिला विकास प्राधिकरण के माध्यम से निकाली गई है, जबकि इन पार्किंगों का निर्माण मुख्यमंत्री की घोषणा को पूरा करने के उद्देश्य से कराया गया था। धन आवंटन आवास विभाग के माध्यम से हुआ और कार्यदायी संस्था उत्तराखंड पेयजल निगम रही, इसके बावजूद जिला विकास प्राधिकरण द्वारा पार्किंग संचालन से संबंधित निविदा प्रक्रिया अपनाना पूरी तरह मनमाना है।
नगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि नियमों के अनुसार कार्य पूर्ण होने के बाद इन पार्किंगों को नगर निगम अल्मोड़ा को हस्तांतरित किया जाना चाहिए था और उनके संचालन व निविदा निकालने का पूर्ण अधिकार भी निगम के पास होना चाहिए था। इस निर्णय से नगर निगम की आय पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। निगम पहले से ही अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए संघर्ष कर रहा है और कर्मचारियों को समय पर वेतन देना भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।
उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि पूर्व में जिला विकास प्राधिकरण द्वारा नक्शा पास करने का अधिकार नगर निगम से छीन लिया गया था, जिससे निगम को प्रतिवर्ष लगभग 50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति हो रही है। अब पार्किंग संचालन का अधिकार भी निगम से बाहर किया जाना नगर निगम के अधिकारों पर सीधा प्रहार है, जिससे हर साल एक करोड़ रुपये से अधिक की संभावित आय का नुकसान होने की आशंका है।
तारा चंद्र जोशी ने स्पष्ट किया कि किसी योजना में धन का आवंटन जिस भी विभाग के माध्यम से हो, उससे उस विभाग को योजना पर स्वामित्व का अधिकार नहीं मिल जाता। नगर निगम की भूमि पर बनी किसी भी परिसंपत्ति का स्वामित्व, संचालन और उससे होने वाली आय पर पहला और पूर्ण अधिकार नगर निगम अल्मोड़ा का ही होना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही इस विषय पर न्यायसंगत निर्णय नहीं लिया गया, तो कांग्रेसजन जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
