जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय माउंट आबू के तत्वाधान में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत आज एएनएम ट्रेंनिंग सेंटर पाताल देवी अल्मोड़ा में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, कार्यक्रम का संचालन और कार्यक्रम में अग्रणीय भूमिका पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ जे सी दुर्गापाल ने किया, डॉ दुर्गापाल ने बताया कि नशा किस उम्र के लोग सर्वाधिक करते है और उनको कैसे नशे से दूर रखा जा सकता है ,

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बी०के० राजीव धवन द्वारा वर्तमान परिपेक्ष में मानसिक और शारीरिक रूप से नशे के दुष्प्रभाव पर प्रकाश डाला गया तथा समाज और परिवार को कैसे नशे की गिरफ्त में आने से रोका जाए इस विषय पर व्याख्यान दिया गया,
मुख्य वक्ता धवन ने बताया कि नशे की लत से कैसे करें खुद का बचाव ?
यदि आप न चाहते हुए भी नशा कर रहें है तो इससे बचाव के लिए आपको इसे एकदम से नहीं छोड़ना है बल्कि इसे आप धीरे-धीरे छोड़ने की आदत को डालें। क्युकी कहते है न की अगर किसी चीज को पाने में 6 महीने लगें है तो उसको छोड़ने में 8 से 10 महीने तो आसानी से लग सकते है। लेकिन कोशिश यही करनी है की इससे दुरी जल्दी बनाई जाए। नशा छोड़ने में सबसे बड़ी भूमिका मजबूत मन निभाता है। अगर आपने फैसला कर लिया है कि आप दोबारा नशे को हाथ नहीं लगाएंगे, तो पहले मन में आत्मविश्वास बढ़ाएं। खुद पर भरोसा करना शुरू करें कि इस काम को फिर से नहीं दोहराएंगे।कई बार व्यक्ति नशे का शिकार किसी बीमारी के कारण होता है, इसलिए जरूरी है की अगर व्यक्ति किसी पुराणी बीमारी से काफी लंबे समस्य से जूझ रहा है तो उसको उस बीमारी से बाहर निकाले। बुरी संगत और बुरी चीजों से दुरी बनाकर रखें, क्युकी वो कहावत तो आपने सुनी ही होगी की एक मछली सारे तालाब को गंदा करती है, ठीक यही कहावत नशा करने वाले लोगों को साथ रखने से भी सही साबित होती है। नशे से बचाव के लिए आपको अपनी लाइफस्टाइल और दिनचर्या में बदलाव लाना होगा तभी जाकर आप इस लत से खुद को बाहर निकालने में कारगर साबित होंगे। इसके अलावा अपने रोजाना की दिनचर्या में योग व्यायाम को जरूर शामिल करें।
तंबाकू का सेवन से होने बाली जानलेवा बीमारियाँ
फेफड़ों का कैंसर फेफड़ों के कैंसर का मुख्य कारण तंबाकू को ही माना जाता है।
इरेक्टाइल डिस्फंक्शन
लिवर कैंसर
मुंह का कैंसर
डायबिटीज का खतरा बढ़ जाता है
हृदय रोग
कोलन कैंसर
ब्रेस्ट कैंसर
इस अवसर पर प्राचार्य नीलम टौड, डॉ0जे सी दुर्गापाल,भगवत मनराल,दीवान सिंह बिष्ट, हेमेंद्र जोशी, ब्रह्माकुमारी संस्था की प्रभारी बी के नीलम, रजनी पंत, भुवन जोशी, वसुधा पंत, भूपेन्द्र वल्दिया, भावना तिवारी आदि उपस्थित रहे।