Sat. Feb 7th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा उत्तराखण्ड लोक वाहिनी द्वारा आज प्रख्यात समाजवादी चिंतक डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट की 80वीं जयंती के अवसर पर समसामयिक उत्तराखण्ड राजनीति एवं राष्ट्रीय परिदृश्य पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।
रेवती बिष्ट की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में वक्ताओं ने डॉ. बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जीवन, संघर्ष और विचारधारा पर प्रकाश डाला। साथ ही उत्तराखण्ड के विकास, सामाजिक न्याय और वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की गई।
गोष्ठी में वक्ताओं ने उत्तराखण्ड के बढ़ते पिछड़ेपन, अंकिता प्रकरण तथा हालिया केंद्रीय बजट को लेकर चिंता व्यक्त की। एडवोकेट जगत रौतेला ने बजट में उत्तराखण्ड की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण बनाए जाने के बाद ही पहाड़ का समग्र विकास संभव है। उन्होंने पर्यटन विकास की कुछ अवधारणाओं पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि अंधाधुंध पर्यटन मॉडल राज्य के सामाजिक ताने-बाने और पर्यावरण के लिए घातक हो सकता है।
बैठक में अंकिता प्रकरण की जांच में तेजी लाने की मांग करते हुए सीबीआई जांच को प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए पूरन चन्द्र तिवारी ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में लाए जा रहे नए कानूनों से सामाजिक असमानता बढ़ने का खतरा है। उन्होंने कहा कि किसी भी छात्र के साथ उत्पीड़न या जातीय भेदभाव नहीं होना चाहिए।
वक्ताओं ने यह आशंका भी जताई कि भारतीय बाजार को विदेशी कृषि एवं डेयरी उत्पादों के लिए खोले जाने से देश के किसानों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। साथ ही देश में वास्तविक जन मुद्दों से ध्यान भटकाकर जातीय और साम्प्रदायिक विद्वेष बढ़ाए जाने पर भी चिंता व्यक्त की गई।
बैठक में अजयमित्र सिंह बिष्ट, जंगबहादुर थापा, बिशन दत्त जोशी, हारिस मुहम्मद, दयाकृष्ण काण्डपाल, अजय मेहता एवं आराध्य सहित कई लोग उपस्थित रहे।