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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा। जनपद के पावन देवस्थल मंदिर परिसर में रविवार को विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य एवं अनुशासित आयोजन किया गया। सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता, स्वयंसेवक, युवा वर्ग एवं मातृशक्ति की सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके उपरांत संरक्षक बृहस्पति गिरी महाराज ने हिंदुत्व विषय पर प्रेरक संबोधन देकर सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन किया।
हिंदुत्व जीवन पद्धति: बृहस्पति गिरी महाराज
बृहस्पति गिरी महाराज ने कहा कि हिंदुत्व किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं, बल्कि यह जीवन जीने की ऐसी पद्धति है जिसमें समरसता, सेवा, संस्कार और सत्य निहित हैं। उन्होंने युवाओं से अपनी परंपराओं को समझते हुए आधुनिकता के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
संघ की भूमिका पर प्रकाश
मुख्य वक्ता डॉ. लक्ष्मण सिंह भोज ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास, उद्देश्य और समाज निर्माण में उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संघ का मूल उद्देश्य व्यक्ति निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण है। स्वयंसेवक शिक्षा, स्वास्थ्य, आपदा सेवा और सामाजिक समरसता जैसे क्षेत्रों में निस्वार्थ भाव से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रसेवा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
सामाजिक समरसता से सशक्त राष्ट्र
मुख्य वक्ता भावना मल्होत्रा ने सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, नागरिक कर्तव्यबोध और आत्मबोध जैसे विषयों पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि परिवार संस्कारों की पहली पाठशाला है और समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर चलना ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम में साईं एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रस्तुत देशभक्ति एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को भावविभोर कर दिया। आयोजकों ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि नई पीढ़ी में संस्कार और राष्ट्रप्रेम की भावना भविष्य के लिए शुभ संकेत है।
प्रमुख उपस्थितजन
इस अवसर पर राजेंद्र जोशी, सुरेश कांडपाल, देवेंद्र सिंह नयाल, प्रकाश बिष्ट, अमित साह, संजय बिष्ट, एकल अभियान से जुड़ी बहनें, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, महेश नयाल, रवि रौतेला, ललित लटवाल, वेद प्रकाश सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक राष्ट्रगान और धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना का संचार होता है।