जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा और समूचे कुमाऊं की सबसे प्राचीन एवं ऐतिहासिक श्री नंदादेवी रामलीला के षष्ठम दिवस पर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। मां नंदादेवी मंदिर प्रांगण में आयोजित रामलीला में सूर्पनखा प्रसंग, सूर्पनखा नासिका छेदन, त्रिसरा प्रसंग एवं वध, खर-दूषण प्रसंग एवं वध, रावण-मारीच संवाद, सीता हरण और जटायु उद्धार का प्रभावशाली मंचन किया गया। कलाकारों के सजीव अभिनय ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। विशेष रूप से सूर्पनखा के आकर्षक अभिनय और त्रिसरा के वीभत्स रूप ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

‘तुम सम पुरुष न मो सम नारी…’ संवाद ने बांधा समां
रामलीला के दौरान जब सूर्पनखा ने भगवान श्रीराम को रिझाने के लिए ‘तुम सम पुरुष न मो सम नारी, यही संयोग विधि रचा विचारी…’ संवाद प्रस्तुत किया, तो दर्शकों ने खूब सराहना की। सूर्पनखा के अभिनय और नृत्य ने मंचन में विशेष रंग भर दिया। वहीं, त्रिसरा के भयानक रूप और उसके जीवंत अभिनय को देखकर दर्शकों में चीख-पुकार मच गई। त्रिसरा का प्रभावशाली अभिनय परितोष जोशी ने किया, जबकि सूर्पनखा की भूमिका में सुनील तिवारी सैम और दिव्यांशु जोशी ने अपने अभिनय एवं नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। अन्य कलाकारों ने भी अपने-अपने पात्रों के माध्यम से रामलीला को जीवंत बनाया।
दीप प्रज्वलित कर किया रामलीला का शुभारंभ
षष्ठम दिवस की रामलीला का उद्घाटन मुख्य अतिथि अल्मोड़ा विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र भोज, पूर्व ब्लॉक प्रमुख पीतांबर पांडे, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री पूरन रौतेला, दीवान सतवाल और डॉ. संतोष बिष्ट ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मंचन का शुभारंभ श्रीराम स्तुति के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन रामलीला कमेटी के सचिव एवं नंदादेवी वार्ड के पार्षद अर्जुन सिंह बिष्ट ने किया।
इस अवसर पर विधायक मनोज तिवारी ने उपस्थित रामभक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम कहा जाता है। रामलीला हमें माता-पिता की आज्ञा का पालन करने, वचन की मर्यादा निभाने तथा सभी के प्रति करुणा और न्याय का भाव रखने की प्रेरणा देती है। भगवान राम, भरत, लक्ष्मण और माता सीता के चरित्रों से परिवार के प्रति समर्पण, त्याग और प्रेम की शिक्षा मिलती है। भरत का भगवान राम के प्रति त्याग, लक्ष्मण की सेवा भावना और माता सीता का धैर्य समाज के लिए आदर्श हैं।
कलाकारों के अभिनय को दर्शकों ने सराहा
राम की भूमिका द्रोण नेगी, लक्ष्मण की भूमिका अविरल जोशी और सीता की भूमिका किरण परगाई ने निभाई। सूर्पनखा के पात्र में सुनील तिवारी सैम और दिव्यांशु जोशी, जबकि नकटी की भूमिका में प्रेम ने अभिनय किया। त्रिसरा के रूप में परितोष जोशी तथा त्रिसरा के मंत्रियों की भूमिका में संजय जोशी और आयुष वर्मा नजर आए।
खर की भूमिका सुमित साह, दूषण की भूमिका कमेटी अध्यक्ष कुलदीप सिंह मेर और खर-दूषण के मंत्रियों की भूमिका संजय जोशी, मारूत साह व साथियों ने निभाई। रावण की भूमिका में हरि विनोद साह, मारीच की भूमिका में हर्षु जोशी और जोगी रावण की भूमिका में परितोष जोशी ने प्रभावशाली अभिनय किया। सभी पात्रों के अभिनय को दर्शकों ने खूब सराहा।
संगीत, मंच सज्जा और पर्दे के पीछे की टीम ने बढ़ाई शोभा
रामलीला के संगीत पक्ष में हारमोनियम पर राजन नयाल, तबले पर शेखर सिजवाली और अरशद अंसारी तथा मजीरे पर अर्जुन बिष्ट ने सहयोग दिया। सूर्पनखा के गायन में पुष्पा रौतेला ने अपनी आवाज दी। पात्रों का मेकअप दानिश और राजू शर्मा ने किया, जबकि मंच पूजन नंदादेवी मंदिर के मुख्य पुजारी तारा दत्त जोशी ने संपन्न कराया।
मंच सज्जा में अतुल वर्मा, महेंद्र बिष्ट, संदीप साह, राजकुमार बिष्ट और कविश अरोरा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। पंचवटी, त्रिसरा तथा खर-दूषण दरबार के आकर्षक सेट और छायाचित्रों ने मंचन को और भी प्रभावशाली बनाया। रामलीला निर्देशक गणेश मेर ने पर्दे के पीछे रहकर कलाकारों को क्रमबद्ध तरीके से मंच पर भेजने की जिम्मेदारी निभाई। कलाकारों को तैयार करने में हरीश बिष्ट और चंद्र मोहन परगाई का विशेष योगदान रहा। मंचन का सोशल मीडिया पर सीधा प्रसारण नमन बिष्ट ने किया।
मां नंदादेवी मंदिर प्रांगण में पहुंचे दर्शकों को सुव्यवस्थित तरीके से बैठाने में राजेश पालनी और कमेटी के कोषाध्यक्ष धनंजय साह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बड़ी संख्या में रामभक्त रहे मौजूद
कार्यक्रम में नंदादेवी मंदिर कमेटी अध्यक्ष मनोज वर्मा, उपाध्यक्ष एवं महानगर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारा चंद्र जोशी, रामलीला कमेटी संयोजक प्रकाश पांडे, वरिष्ठ पत्रकार अनिल सनवाल, वरिष्ठ रंगकर्मी अमरनाथ सिंह नेगी, संजय साह, सुभाष अग्रवाल, शशि मोहन पांडे, वरिष्ठ रंगकर्मी सुंदर बोरा, दीक्षा हरबोला, अमित उप्रेती, मुरलीधर कांडपाल, सुमन सनवाल, संगीता पांडे, पूनम पाठक, भावना पांडे, मीनाक्षी हरबोला, संदेश नेगी, मानवेंद्र साह, वरुण साह, सिद्धार्थ साह, परीक्षित साह और गिरीश परगाई सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
