Thu. Apr 16th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोडा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा जनपद अल्मोड़ा में पिछले कुछ दिनों से  पेट्रोल और डीजल की भारी कमी ने बृहस्पतिवार को शहर की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया। शहर के एकमात्र पेट्रोल पंप पर ईंधन भरवाने के लिए सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं, जो देखते ही देखते लक्ष्मेश्वर से विकास भवन तक फैल गईं। नतीजा यह हुआ कि मुख्य मार्ग पर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
हालात इतने खराब हो गए कि सड़कें अस्थायी पार्किंग स्थल में तब्दील नजर आईं। वाहन रेंग-रेंग कर आगे बढ़ते दिखे और लोगों को घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करना पड़ा। इस जाम में आम नागरिकों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी, स्कूली वाहन और स्कूल बसें भी बुरी तरह फंस गईं।
🚃 स्कूली बच्चों पर सबसे ज्यादा असर
ईंधन संकट का सबसे बड़ा असर स्कूली बच्चों पर देखने को मिल रहा है। कई स्कूल बसों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलने के कारण उनके संचालन पर संकट खड़ा हो गया है। यदि जल्द आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो बस सेवाएं ठप होने की आशंका है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। अभिभावकों में भी इसको लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।



🏤 दफ्तरों में भी पड़ा असर
लक्ष्मेश्वर से विकास भवन तक लगे जाम में सरकारी कर्मचारी भी घंटों फंसे रहे। कई कर्मचारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंच सके, जिससे विकास भवन, कलेक्ट्रेट समेत अन्य दफ्तरों का कामकाज प्रभावित हुआ। प्रशासनिक कार्यों की गति भी धीमी पड़ गई।
⛽ एक पंप पर बढ़ा दबाव
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले कुछ दिनों से जिले में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति बाधित चल रही है। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर ईंधन खत्म हो चुका है, जिसके चलते पूरे शहर का दबाव एक ही पंप पर आ गया है। इसी वजह से यह विकराल जाम की स्थिति उत्पन्न हुई।
👉व्यापार और जनजीवन पर असर
ईंधन संकट और जाम का असर बाजारों में भी साफ दिखाई दिया। ग्राहकों की संख्या कम रही, जिससे व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ा। वहीं सार्वजनिक परिवहन सेवाएं भी प्रभावित रहीं, जिससे आम लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
📢प्रशासन की अपील
प्रशासन ने स्थिति को अस्थायी बताते हुए भरोसा दिलाया है कि जल्द ही ईंधन आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से ईंधन की जमाखोरी न करें और संयम बनाए रखे।