जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की आजीविका को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में विकासखंड हवालबाग में 19 मई 2026 से पांच दिवसीय बेकरी प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
मुख्य विकास अधिकारी रामजीशरण शर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को ‘‘उत्तराखण्ड के ग्रामीण समुदायों के लिए एकीकृत आजीविका, नवीकरणीय ऊर्जा एवं पर्यावरण सुदृढ़ता पहल’’ परियोजना के अंतर्गत ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई। बैठक में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की के वास्तुकला एवं नियोजन विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम की तैयारियों और कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण का लाभ वास्तविक रूप से कार्य कर रहे स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिले और प्रशिक्षण के बाद सीखे गए कौशल का व्यवहारिक उपयोग भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि महिलाओं की आय में वास्तविक वृद्धि हो सके।
विशेषज्ञों ने जानकारी दी कि राज्य के केवल छह विकासखंडों का चयन इस परियोजना के लिए किया गया है, जिनमें अल्मोड़ा का हवालबाग विकासखंड भी शामिल है। परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण समुदायों की आजीविका मजबूत करना, पर्यावरणीय संवेदनशीलता बढ़ाना और स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार को बढ़ावा देना है।
प्रगति आजीविका द्वारा संचालित बेकरी यूनिट में 19 से 23 मई तक आयोजित होने वाले प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को बेकरी निर्माण का व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही बिजनेस प्लान, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग की जानकारी भी दी जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्थानीय उत्पादों जैसे काफल, हिसालू, किल्मोड़ा और अन्य जंगली फलों के पोषण मूल्य के वैज्ञानिक परीक्षण तथा उनकी ब्रांडिंग और पैकेजिंग विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने इंस्टाग्राम, फेसबुक, अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन मार्केटिंग की संभावनाओं पर भी कार्य करने का सुझाव दिया।
आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों ने बताया कि बायो साइंस एवं बायो इंजीनियरिंग विभाग के सहयोग से इस दिशा में जल्द कार्यवाही शुरू की जाएगी।
बैठक में प्रो. अवलोकिता अग्रवाल, आजम अली खान, राजेश मठपाल, गंगा आर्या सहित ग्रामोत्थान परियोजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे।
