Thu. Sep 17th, 2026
Spread the love

जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा जरूरतमंद और प्रतिभावान विद्यार्थियों के सपनों को आर्थिक मजबूरियों के कारण रुकने से बचाने की दिशा में मंगलवार को अल्मोड़ा में एक सराहनीय पहल सामने आई। श्री भक्ति धाम आश्रम नौकुचियातल के तत्वावधान एवं साहित्य अदब ट्रस्ट द्वारा आयोजित ‘सपनों को पंख’ कार्यक्रम में माँ अम्बे इंस्टीट्यूट के चेयरमैन ठा. संदीप सिंह ने दो मेधावी विद्यार्थियों को निःशुल्क नर्सिंग शिक्षा उपलब्ध कराने की घोषणा की।
एडम्स सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे ठा. संदीप सिंह ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, मेहनत और उनकी परिस्थितियों को देखते हुए मंच से यह महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि दो मेधावी विद्यार्थियों को माँ अम्बे इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग में निःशुल्क नर्सिंग कोर्स कराया जाएगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए नर्सिंग शिक्षा की फीस जुटाना बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में दोनों विद्यार्थियों को बिना शुल्क शिक्षा मिलने से उनके लिए उच्च शिक्षा की राह आसान होगी।
ठा. संदीप सिंह ने केवल दो विद्यार्थियों तक ही अपनी पहल को सीमित नहीं रखा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अन्य 20 मेधावी विद्यार्थियों को भी उनके रुचि और पसंद के क्षेत्र में करियर बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जिस क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप उन्हें आगे बढ़ने में सहयोग किया जाएगा।
कार्यक्रम में हुई इस घोषणा के बाद विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों में उत्साह का माहौल दिखाई दिया। वक्ताओं ने कहा कि कई प्रतिभावान विद्यार्थी आर्थिक अभाव के कारण अपनी पढ़ाई या करियर की राह में आगे नहीं बढ़ पाते। ऐसे में यदि समाज के सक्षम लोग उनकी प्रतिभा को अवसर उपलब्ध कराने के लिए आगे आएं तो आर्थिक परिस्थितियां उनके सपनों की राह में बाधा नहीं बनेंगी।
‘सपनों को पंख’ जैसी पहल का उद्देश्य भी प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी क्षमता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना है। ठा. संदीप सिंह द्वारा दो विद्यार्थियों की निःशुल्क नर्सिंग शिक्षा का जिम्मा लेने और 20 अन्य मेधावियों को करियर में हरसंभव सहयोग का भरोसा देने से इस संकल्प को मजबूती मिली है।
ठा. संदीप सिंह की इस पहल को शिक्षा और सामाजिक सहयोग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। उनके इस निर्णय से दो विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह आसान होगी, वहीं 20 अन्य विद्यार्थियों को भी अपने भविष्य को लेकर सहयोग और मार्गदर्शन की उम्मीद मिली है।