जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा देवभूमि की सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा बुधवार को मां नंदादेवी की भक्ति और आस्था में सराबोर नजर आई। ऐतिहासिक मां नंदादेवी मेले का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मेले के आगाज के साथ ही नगर में धार्मिक उल्लास, सांस्कृतिक रंग और उत्सव की रौनक दिखाई देने लगी है।
शुभारंभ कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, मेला समिति के पदाधिकारियों और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम में सांसद अजय टमटा, विधायक मनोज तिवारी, नगर निगम महापौर अजय वर्मा, दर्जा राज्य मंत्री कुंदन लटवाल, गोविंद पिलख्वाल, गंगा बिष्ट, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व विधायक रघुनाथ सिंह चौहान, पूर्व पालिकाध्यक्ष प्रकाश जोशी, पूर्व पालिकाध्यक्ष शोभा जोशी तथा एडीएम संजय कुमार सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
मेला समिति अध्यक्ष मनोज वर्मा, सचिव मनोज सनवाल, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट चीमा और मेला संयोजक ताराचंद्र जोशी ने अतिथियों का स्वागत किया। दीप प्रज्वलन के बाद मां नंदादेवी के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
अल्मोड़ा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा मेला
मां नंदादेवी मेला अल्मोड़ा की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मेला केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि कुमाऊं की लोक परंपराओं, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक सहभागिता का भी प्रमुख मंच माना जाता है।
मेले के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विभिन्न सांस्कृतिक एवं पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्थानीय कलाकारों को मंच मिलने के साथ लोक संस्कृति और परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी प्रयास किया जाएगा।
श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू
मेले के शुभारंभ के साथ ही दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालुओं और आगंतुकों के अल्मोड़ा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। नगर के बाजारों और प्रमुख मार्गों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ने लगी है। मां नंदादेवी के दर्शन और मेले की गतिविधियों में शामिल होने को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।
शुभारंभ अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां नंदादेवी के दर्शन कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। मां के जयकारों से नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा।
धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
आगामी दिनों में मेले में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और पारंपरिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। लोक कलाकारों और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच उपलब्ध कराने के साथ कुमाऊं की लोक संस्कृति को जीवंत बनाए रखने पर भी जोर रहेगा।
मेले की विशेषता यह है कि इसमें बुजुर्गों से लेकर युवा और बच्चे तक उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं। इस तरह यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का माध्यम भी बनता है।
बाजारों में बढ़ी चहल-पहल
मेले के शुरू होते ही नगर के बाजारों में भी चहल-पहल बढ़ गई है। बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं और आगंतुकों के कारण शहर का माहौल उत्सवमय हो गया है। स्थानीय व्यापारियों और कारोबारियों के लिए भी नंदादेवी मेला महत्वपूर्ण अवसर माना जाता है।
आयोजन समिति की ओर से मेले को धार्मिक गरिमा और सांस्कृतिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न कराने के लिए व्यवस्थाओं पर जोर दिया जा रहा है। समिति पदाधिकारियों ने लोगों से मेले में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
बुधवार को दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुआ मां नंदादेवी मेला अब आने वाले दिनों में धार्मिक श्रद्धा, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और पारंपरिक आयोजनों से गुलजार रहेगा। मेले के शुभारंभ के साथ ही अल्मोड़ा में उत्सव का माहौल बन चुका है और श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम लगातार जारी है।