जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा ग्रामीण महिला उद्यमियों को व्यवसाय विकास और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से आईआईएम काशीपुर एवं उत्तराखंड ग्रामीण उद्यम त्वरण परियोजना (रीप) के सहयोग से विकासखंड कार्यालय हवालबाग के सभागार में एक दिवसीय उद्यमिता बूट कैंप आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला उद्यमियों और उद्यमिता की इच्छुक प्रतिभागियों को व्यवसाय प्रबंधन, नवाचार, वित्तीय समझ, सरकारी योजनाओं तथा बाजार की संभावनाओं के संबंध में विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।
बूट कैंप के दौरान महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों, व्यावसायिक विचारों, व्यवसाय मॉडल, वर्तमान चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं को विशेषज्ञों के समक्ष प्रस्तुत किया। विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियों के आधार पर ग्राहकों की आवश्यकताओं के अनुरूप उत्पाद एवं सेवाएं विकसित करने, बाजार तक पहुंच बढ़ाने तथा व्यवसाय को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए व्यावहारिक सुझाव दिए।
कार्यक्रम में स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को विज्ञान एवं तकनीकी नवाचार से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम तथा रोजगार के नए अवसर विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। प्रतिभागियों को ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने के लिए उपलब्ध वित्तीय एवं संस्थागत सहयोग की जानकारी दी गई और संबंधित सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
इस दौरान उद्यम स्थापना, व्यवसाय संचालन और विभिन्न चुनौतियों के समाधान से जुड़े अनुभव भी साझा किए गए। महिला उद्यमियों को अपनी क्षमताओं और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए व्यवसाय का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया गया। बूट कैंप के माध्यम से प्रतिभागियों को विशेषज्ञों, सफल उद्यमियों और विभागीय प्रतिनिधियों से संवाद करने तथा अपने व्यावसायिक विचारों को बेहतर बनाने का अवसर मिला।
कार्यक्रम में महिला उद्यमियों ने अपने उत्पादों के स्टॉल भी लगाए। अतिथियों एवं विशेषज्ञों ने स्टॉलों का अवलोकन कर उत्पादों और उनके व्यवसाय के बारे में जानकारी ली तथा उद्यमियों का उत्साहवर्धन किया।
इस अवसर पर आईआईएम काशीपुर के प्रो. जगदीश प्रसाद साहू, यूकॉस्ट अल्मोड़ा के एमेरिटस साइंटिस्ट डॉ. जी.सी.एस. नेगी, नाबार्ड अल्मोड़ा के डीडीएम गिरीश चंद्र पंत, खंड विकास अधिकारी हवालबाग संतोष जेठी, सहायक खंड विकास अधिकारी रमेश कनवाल, गिरधर सिंह बिष्ट सहित क्षेत्र की महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य एवं संबंधित विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
