Fri. Apr 3rd, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

योग विज्ञान विभाग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा  में  28 व 29  अप्रैल, 2025 को अर्थ गङ्गा: संस्कृति, विरासत, एवं पर्यटन के अंतर्गत “योग विज्ञान एवं अध्यात्म” विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का दूसरा दिन  गंगा, वेद, विज्ञान और आध्यात्म को समर्पित रहा।  दूसरे दिवस के विभिन्न सत्रों में गंगा स्वच्छता, नदियों के पुनरुद्धार, गंगा नदी के प्राचीन महत्व के साथ योग एवं मनोविज्ञान, योग एवं आध्यात्म, विज्ञान और योग, आध्यात्म एवं संस्कृति, भारतीय प्राचीन परंपरा से संबंधित  शोध पत्रों का प्रस्तुतिकरण हुआ और अतिथियों के व्याख्यान आयोजित हुए।


समापन सत्र पर मुख्य अतिथि प्रो विनोद नौटियाल (पूर्व विभागाध्यक्ष, योग विभाग, HNB विश्वविद्यालय,श्रीनगर गढ़वाल), समापन अध्यक्ष प्रो आराधना शुक्ला (पूर्व संकायाध्यक्ष,कला संकाय) और विशिष्ट अतिथि  के रूप में अल्मोड़ा के महापौर श्री अजय वर्मा, प्रो जीवन सिंह रावत (पूर्व विभागाध्यक्ष, भूगोल विभाग), प्रो देवसिंह पोखरिया (पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी), प्रो भीमा मनराल (पूर्व संकायाध्यक्ष,शिक्षा), प्रो. शेखर चन्द्र जोशी(अधिष्ठाता छात्र कल्याण), कॉन्फ्रेंस संयोजक डॉ नवीन चंद्र भट्ट, सह संयोजक डॉ लल्लन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। आयोजकों द्वारा अतिथियों का सम्मान कर स्वागत गीत, वंदना एवं गुरु की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गयी।
कॉन्फ्रेंस के संयोजक डॉ नवीन भट्ट ने अतिथियों का स्वागत  किया और  दो दिवसीय आयोजित हुए सत्रों के कार्यवृत्त को प्रस्तुत किया और स्वागत किया। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि इन दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस में  13 सत्रों में  ऑनलाइन और ऑफलाइन रूप से 103  शोध पत्र पढ़े गए। विभाग के क्रियाकलापों और उपलब्धियों को साझा करते हुए कहा कि विभाग के 80 फीसदी विद्यार्थी देश एवं विदेशों के वैलनेस सेंटर में कार्य कर रहे हैं।  चीन आदि देशों में योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं।  उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री जी ने योग विज्ञान विभाग को पूर्ण सहयोग देने का आश्वासन  दिया है।  योग विभाग के विद्यार्थी  भारत के विकास में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विभाग के पूर्व संयोजक प्रो देव सिंह पोखरिया के द्वारा योग विषय के आरंभिक यात्रा को साझा किया।
इस अवसर पर  बैंगलोर के योग शिक्षक डॉ विकास रावत को योगरत्न सम्मान, HNB विश्वविद्यालय, श्रीनगर की योग विभागाध्यक्ष प्रो रजनी नौटियाल को  योग तपस्विनी सम्मान, पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ विनोद नौटियाल को योग शिक्षा, अनुसंधान और योग के प्रसार के लिए क्षेत्र में  किए गए विशिष्ट कार्य के लिए  योगश्री सम्मान से सम्मानित किया गया और  लोकगायिका बसंती सामंत को लोक गायन क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में पर्यावरणविद प्रो जीवन सिंह रावत ने गंगा एवं उसकी सहायक नदियों के जल विज्ञान को समझाते हुए प्रतुतिकरण  दिया। उन्होंने उत्तराखंड की नदियों के सूखने और उनकी लंबाई में हो रही कमी को लेकर  चिंता जताई। उन्होंने  कोसी, पिंडर, अलकनंदा, भागीरथी, गगास, पश्चिमी रामगंगा, जटागंगा,शिप्रा, रामगाड़, गोमती आदि नदियों और मौसमी गधेरों आदि की स्थिति में हो रहे बदलाव को लेकर चर्चा की। उन्होंने कहा कि कई नदियां सूख रही हैं। हमें भूमिगत जल को बढ़ाने के लिए आगे आना होगा।

विशिष्ट अतिथि रूप में अपने संबोधन में विद्वान प्रो देवसिंह पोखरिया ने कहा कि योग, विज्ञान, और आध्यात्म का समन्वित रूप इस संगोष्ठी में दिखाई दिया है। विश्वविद्यालय की जीवंतता का प्रमाण ये संगोष्ठी है। आज  राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योग के विद्यार्थी  योग का परचम लहरा रहे हैं। योग विभाग  जिस ऊर्जा से कार्य कर रहा है, निस्संदेह भविष्य में एकदिन  एस.एस. जीना विश्वविद्यालय योग विश्वविद्यालय के नाम से जाना जाएगा। उन्होंने योग विभाग के विभागाध्यक्ष और उनके सभी सहयोगियों को  शुभकामनाएं दी।
विशिष्ट अतिथि रूप में शिक्षाविद प्रो भीमा मनराल ने कहा भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले योग के विद्वान इस कार्यक्रम में जुड़े हैं, यह हमारे विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात है। योग के विद्यार्थियों में योग का प्रभाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है। उन्होंने बीमार नदियों के इलाज की जरूरत बताई। उन्होंने डॉ नवीन भट्ट और उनकी टीम को बधाइयाँ दी।

विशिष्ट अतिथि  रूप में अल्मोड़ा नगर निगम के महापौर अजय वर्मा ने जल को जीवन बताया। उन्होंने युवाओं को  नशे से दूर रहने के लिए योग अपनाने की बात कही। प्रधानमंत्री जी के योग के संदेश को सभा में रखा। उन्होंने कहा कि योग  विज्ञान विभाग ने कोविड-19 के काल में जागरूकता फैलाई। उसका परिणाम बेहतर रहा है।

विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. शेखर चन्द्र जोशी (अधिष्ठाता छात्र कल्याण) ने कहा यह संगोष्ठी बहुत उत्कृष्ट रही है। विद्यार्थी इस संगोष्ठी से सीखकर योग के लिए काम करें।  उन्होंने योग को एक शक्ति बताया और कहा कि योग के माध्यम से हम अपनी मनोकामनाएं पूर्व कर सकते हैं।

मुख्य अतिथि प्रो विनोद नौटियाल ने योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य कर रहे आयोजकों को बधाइयाँ दी। उन्होंने कहा कि यह नगर मुझे हमेशा सम्मानित करता रहा है। इस नगर में योग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता आयोजित हुई है जिससे स्पष्ट होता है कि यह योग के लिए महत्वपूर्ण स्थान है।  उन्होंने शहर में योग के उन्नयन के लिए योग विभाग के योगदान को बताया।  और कहा  कि इस संगोष्ठी में जर्मनी, चीन, अफ्रीका के योग साधक जुड़े थे जो सफलता की पुष्टि करता  है। उन्होंने संगोष्ठी के विषय को सार्थक बताया और कार्यक्रम को सफल बताया।
समापन सत्र की अध्यक्ष प्रो आराधना शुक्ला ने कहा की योग से हम अपने व्यक्तित्व का विकास करें।  योग से अपनी  आध्यात्मिक ऊर्जा को बनाये रखें। योग को जीवन में अपनाएं। उन्होंने विभाग के कार्यों की सराहना की।
इससे पूर्व द्वितीय सत्रों की शुरुआत तकनीकी सत्र से हुई।  दूसरे दिन के पहले सत्र में अध्यक्षता
डॉ.रजनी नौटियाल, सह अध्यक्षता डॉ धनी आर्या और रिसोर्स पर्सन डॉ. विकास रावत ने की। दूसरे ऑफलाइन सत्र की अध्यक्षता प्रो भीमा मनराल, सह अध्यक्षता डॉ आर सी मौर्य, रिसोर्स पर्सन डॉ कमला डी भारद्वाज रहे। तीसरे सत्र में  अध्यक्षता प्रो आराधना शुक्ला, सह अध्यक्षता डॉ संगीता पवार, रिसोर्स पर्सन डॉ महेंद्र मेहरा मधु,  डॉ मुरली कापड़ी, डॉ अजित तिवारी, डॉ विनोद कुमार,डॉ मोनिका भैसोड़ा  रहे।
इन सत्रों के समानान्तर तीन ऑनलाइन सत्र संचालित हुए। जिसके पहले सत्र में अध्यक्ष प्रो कामाख्या प्रसाद तथा दूसरे ऑनलाइन सत्र के अध्यक्ष प्रो अनुजा रावत और सह अध्यक्ष डॉ वल्लभी कुकरेती रहीं। तीसरे सत्र में सत्र अध्यक्ष प्रो जीवन सिंह रावत, सह अध्यक्ष डॉ मुकेश सामंत, रिसोर्स पर्सन प्रो अजित तिवारी रहे।
कॉन्फ्रेंस के संचालन रजनीश जोशी ने योग, विज्ञान और आध्यात्म विषय पर कॉन्फ्रेंस की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। संगोष्ठी के विभिन्न सत्रों का संचालन रजनीश जोशी, मीना और रेनू ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर  सेमिनार के सह संयोजक डॉ लल्लन कुमार सिंह, हेमलता अवस्थी, डॉक्टर गिरीश अधिकारी, डॉक्टर पूजा पांडे,रेनू तिवारी, भावना, डॉक्टर कालीचरण,डॉक्टर सीताराम, डॉ सुनीता कश्यप, डॉ कविता सिजवाली, मीना,  रेनू तिवारी, हिमानी, भावना जोशी , आशीष संतोलिया ने सहयोग दिया।

इस संगोष्ठी के समापन अवसर पर  डॉ देवेंद्र धामी, डॉ कमला धौलाखंडी,डॉ पारुल सक्सेना,  डॉ रामचंद्र मौर्य, हेम पांडे, डॉ गिरजा शंकर, डॉ तेजपाल सिंह, डॉ पारस नेगी, अनूप सिंह बिष्ट,डॉ अर्पिता जोशी, डॉ तनुजा रावत, डॉ मुरलीधर कापड़ी, डॉ मंजू चन्द्र, लोक गायिका बसंती सामंत,धीरज बिनवाल के साथ विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, संकायाध्यक्ष, विद्यार्थी, शिक्षक, योग विभाग के सभी विद्यार्थी एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।