जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड़
अल्मोड़ा। केंद्र की मोदी सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने, बजट में कटौती करने और इसके अधिकारों को लगातार कमजोर किए जाने के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने निर्णायक लड़ाई का ऐलान कर दिया है। “मनरेगा बचाओ अभियान” के तहत देशभर में व्यापक जनआंदोलन छेड़ा जाएगा, जिसकी अगुवाई अल्मोड़ा में जिला कांग्रेस कमेटी 12 जनवरी से 25 फरवरी तक चरणबद्ध तरीके से करेगी।
रविवार को कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि मनरेगा करोड़ों गरीब मजदूरों, किसानों और ग्रामीण महिलाओं की जीवनरेखा है, लेकिन मोदी सरकार कॉरपोरेट हितों के आगे झुककर गरीबों से उनका संवैधानिक अधिकार छीनने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि यह केवल योजना पर हमला नहीं, बल्कि देश के गरीब वर्ग पर सीधा हमला है।
उन्होंने ऐलान किया कि 12 जनवरी को जिला व महानगर मुख्यालयों पर एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन कर भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ बिगुल फूंका जाएगा। इसके बाद 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपाल, जनसंवाद और घर-घर जनसंपर्क कर ग्रामीण जनता को बताया जाएगा कि किस तरह मनरेगा को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश रची जा रही है।
30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार से साफ शब्दों में मांग की जाएगी कि मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में तत्काल बहाल किया जाए, बजट बढ़ाया जाए, मजदूरों को समय पर काम और भुगतान दिया जाए तथा 100 दिनों की जगह रोजगार की अवधि और बढ़ाई जाए।
अभियान के अगले चरणों में—
31 जनवरी से 6 फरवरी तक मनरेगा बचाओ जिला स्तरीय यात्रा,
7 फरवरी से 15 फरवरी तक विधानसभा घेराव कर सरकार को चेतावनी,
और 16 फरवरी से 25 फरवरी तक क्षेत्रीय समापन रैलियों के जरिए निर्णायक हुंकार भरी जाएगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने दो टूक कहा कि अगर मोदी सरकार ने मनरेगा के साथ हो रहे खिलवाड़ को तुरंत नहीं रोका, तो कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव, सड़क-सड़क उतरकर सरकार को जवाब देंगे। यह लड़ाई रुकने वाली नहीं है—यह गरीबों के हक की आर-पार की जंग है।
