Wed. May 6th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोडा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर एक बार फिर आवाज उठी है। अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी ने मेडिकल कॉलेज में जल्द से जल्द हार्ट केयर यूनिट/कैथ लैब स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने इसे जनहित से जुड़ा बेहद संवेदनशील मुद्दा बताते हुए सरकार से तत्काल कार्रवाई की अपील की है।
विधायक ने बताया कि वर्ष 2014 में तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में उनके प्रयासों से अल्मोड़ा में हार्ट केयर यूनिट की स्थापना हुई थी। उस समय दिल्ली हार्ट इंस्टीट्यूट के साथ एमओयू किया गया था और वरिष्ठ हार्ट सर्जन डॉ. ओपी यादव द्वारा मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही उपचार मिल रहा था। इससे गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिलने के साथ बाहरी रेफरल की आवश्यकता भी कम हो गई थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में सरकार बदलने के बाद इस महत्वपूर्ण यूनिट को बंद कर दिया गया, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर नकारात्मक असर पड़ा। अब मरीजों को हल्द्वानी और देहरादून जैसे दूरस्थ शहरों में इलाज के लिए जाना पड़ रहा है, जो कई बार जोखिम भरा साबित होता है।
मनोज तिवारी ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में हृदय रोगियों के लिए समय पर उपचार मिलना बड़ी चुनौती है। लंबी दूरी, खराब सड़कें और संसाधनों की कमी कई बार मरीजों की जान पर भारी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि कई मामलों में मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं, जो बेहद दुखद है।
विधायक ने सरकार से मांग की कि अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज में अत्याधुनिक हार्ट केयर यूनिट/कैथ लैब स्थापित कर इसे शीघ्र क्रियाशील बनाया जाए। साथ ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।


उन्होंने कहा कि यदि यह सुविधा शुरू होती है तो अल्मोड़ा के साथ-साथ बागेश्वर, पिथौरागढ़ और चंपावत जैसे जिलों के मरीजों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। इससे रेफरल का दबाव कम होगा और समय पर उपचार संभव हो सकेगा।
विधायक ने इसे जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताते हुए कहा कि “हर धड़कन की कीमत होती है” और समय रहते कदम उठाकर कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस मांग पर कितनी गंभीरता से निर्णय लेती है।