जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा, 24 फरवरी 2026 जनपद स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, विभागीय समन्वय एवं दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के उद्देश्य से आज विकास भवन सभागार, अल्मोड़ा में सतत विकास लक्ष्य (SDGs), पीएम गति शक्ति एवं विजन 2047 विषयों पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला का आयोजन Centre for Public Policy and Good Governance तथा जिला अर्थ एवं संख्या विभाग, अल्मोड़ा के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने की।
SDGs के 17 लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में विशेषज्ञों द्वारा सतत विकास लक्ष्यों के 17 वैश्विक लक्ष्यों की विस्तृत जानकारी दी गई। गरीबी उन्मूलन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वच्छ पेयजल, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभता एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।
जनपद स्तर पर लक्ष्यों की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग एवं अद्यतन डेटा उपलब्ध कराने को अत्यंत आवश्यक बताया गया।
पीएम गति शक्ति से तेज होगा बुनियादी ढांचा विकास
पीएम गति शक्ति योजना के अंतर्गत मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी, आधारभूत संरचना विकास तथा परियोजनाओं के समयबद्ध एवं समन्वित क्रियान्वयन की अवधारणा पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे योजनाओं के प्रस्ताव एवं प्रगति विवरण को पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करें तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से अनावश्यक विलंब से बचें।
विजन 2047: विकसित भारत में जिलों की अहम भूमिका
विजन 2047 के संदर्भ में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में जिलों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके लिए स्थानीय स्तर पर ठोस रणनीति, जनसहभागिता, नवाचार, पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।
अध्यक्षीय संबोधन
मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा विकास योजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता को प्राथमिकता दें। उन्होंने डेटा की शुद्धता एवं नियमित समीक्षा को वास्तविक प्रगति की कुंजी बताया और कार्यशाला से प्राप्त सुझावों को जमीनी स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए।
प्लानिंग डिपार्टमेंट का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित प्लानिंग डिपार्टमेंट के निदेशक मनोज पंत ने कहा कि विकसित भारत के लिए विकसित राज्य के साथ-साथ विकसित जिला भी उतना ही आवश्यक है। जनपद स्तर पर योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ही विकसित भारत की मजबूत नींव रखता है।
विशेषज्ञों ने रखे विचार
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ अजय पुरोहित, नवीन कोरी, अक्षय जायसवाल एवं नवराज क्षेत्री ने अपने-अपने विषयों पर महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं।
प्रतिभागियों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर विशेषज्ञों ने तर्कपूर्ण उत्तर देते हुए शंकाओं का समाधान किया।
उपस्थिति
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक ग्राम्य विकास अभिकरण केएन तिवारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी रेणु भंडारी सहित जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
