जनतानामा न्यूज़ अल्मोडा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा, 6 मई 2026 चंपावत में एक नाबालिग छात्रा के साथ तीन लोगों द्वारा किए गए सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर उत्तराखंड लोक वाहिनी (उलोवा) ने गहरा रोष व्यक्त करते हुए मामले की कड़ी निंदा की है। संगठन ने इसे प्रदेश की कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
उलोवा ने बयान जारी कर कहा कि यह घटना प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की भयावह तस्वीर पेश करती है। संगठन के अनुसार सत्ता से संरक्षण प्राप्त लोग लगातार महिलाओं और बच्चियों के खिलाफ जघन्य अपराधों को अंजाम दे रहे हैं, जिससे पूरे प्रदेश का माहौल विषाक्त होता जा रहा है।
संगठन ने अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए कहा कि चार वर्ष बीत जाने के बाद भी पीड़िता को न्याय नहीं मिल पाया है और मामले से जुड़े वीआईपी आज भी खुलेआम घूम रहे हैं। उलोवा ने आरोप लगाया कि ‘नारी वंदन’ का नारा देने वाली भाजपा सरकार के शासन में महिलाएं और बच्चियां सुरक्षित नहीं हैं।
उत्तराखंड लोक वाहिनी ने कहा कि एक ओर पुलिस आम लोगों का उत्पीड़न कर उन्हें आत्महत्या तक के लिए मजबूर कर रही है, वहीं दूसरी ओर बलात्कारियों को बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं, जो बेहद शर्मनाक है। संगठन ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड में अराजक तत्व बहन-बेटियों की अस्मिता से खिलवाड़ कर रहे हैं।
उलोवा ने सरकार से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी नामजद आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए। साथ ही फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाए तथा पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
बयान जारी करने वालों में एडवोकेट जगत रौतेला, पूरन चन्द्र तिवारी, दयाकृष्ण काण्डपाल, अजय मित्र बिष्ट और जंगबहादुर थापा शामिल रहे। वहीं पूर्व सभासद अशोक पाण्डे ने भी घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
