जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
हल्द्वानी के राजपुरा स्थित आर्मी कैंट के प्रतिबंधित क्षेत्र में दीवार फांदकर प्रवेश करने वाले एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान हल्द्वानी पुलिस ने साइबर तकनीक और त्वरित कार्रवाई के जरिए चार माह से लापता युवक के रूप में की है। युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ बताया जा रहा है और अब जल्द ही अपने परिजनों से मिल सकेगा।
पुलिस के अनुसार, 13 जुलाई को नायब सूबेदार पी.सी. प्रधान अपनी टीम के साथ एक संदिग्ध व्यक्ति को कोतवाली हल्द्वानी लेकर पहुंचे। पूछताछ में वह केवल अपना नाम इरफान बता सका और मानसिक रूप से अस्वस्थ प्रतीत हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विभिन्न एजेंसियों से जानकारी जुटाने के साथ नेटग्रिड के माध्यम से उसकी पहचान का प्रयास किया।
साइबर तकनीक की मदद से युवक की पहचान इरफान (36), निवासी ग्राम सिगोही, थाना तुलसीपुर, जनपद बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई। इसके बाद हल्द्वानी पुलिस ने बलरामपुर डीसीआर से संपर्क कर परिजनों तक सूचना पहुंचाई।
परिजनों ने बताया कि करीब साढ़े तीन से चार माह पहले गोरखपुर में इलाज के दौरान इरफान लापता हो गया था और काफी तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला था। हल्द्वानी पुलिस से सूचना मिलने पर परिवार ने राहत जताते हुए नैनीताल पुलिस का आभार व्यक्त किया और उसे लेने हल्द्वानी पहुंचने की बात कही।
इस सराहनीय कार्य में अपर पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी अमित कुमार के निर्देशन में वरिष्ठ उपनिरीक्षक रोहताश सिंह सागर तथा साइबर सेल के कांस्टेबल नरेन्द्र धामी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की तकनीकी दक्षता और मानवीय संवेदनशीलता की इस पहल की उच्चाधिकारियों ने भी सराहना की है।
