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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा, 13 अगस्त 2026 मोहान वन क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष की रोकथाम और बाघ के रेस्क्यू के लिए वन विभाग ने अभियान तेज कर दिया है। एसडीओ वन विभाग काकुल पुंडीर ने बताया कि ग्राम सभा डबरा सौराल, तड़म एवं काठ की नाव क्षेत्र में उप प्रभागीय वनाधिकारी रानीखेत द्वारा गठित टीमें लगातार कैंप कर बाघ की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और रेस्क्यू के प्रयास किए जा रहे हैं।
वन विभाग की टीमों द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त एवं निगरानी के साथ वन्यजीव के पगमार्ग और अन्य गतिविधियों की पहचान की जा रही है। बाघ को पकड़ने के लिए क्षेत्र में 9 पिंजरे लगाए गए हैं, जबकि 2 ड्रोन के माध्यम से बाघ की गतिविधियों को ट्रैक किया जा रहा है। इसके अलावा 2 लाइव कैमरा और 33 कैमरा ट्रैप सहित अन्य उपकरण स्थापित किए गए हैं।
मानव-वन्यजीव संघर्ष की आशंका को देखते हुए डबरा सौराल एवं सौराल ग्राम सभा के रास्तों और पथमार्गों में झाड़ी कटान कराया जा रहा है। ग्राम नगचूला खाल में वन विभाग की टीम ने प्रचार-प्रसार एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीणों को आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। गांवों में पोस्टर लगाए जा रहे हैं तथा लाउडस्पीकर और जनजागरूकता गोष्ठियों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
रेस्क्यू अभियान में कॉर्बेट क्षेत्र की विशेषज्ञ टीम का सहयोग लिया जा रहा है। डॉक्टरों की टीम भी रेस्क्यू टीम के साथ लगातार बाघ को सुरक्षित रेस्क्यू करने के प्रयास में जुटी है।
अभियान में रामनगर वन प्रभाग, कालागढ़ टाइगर रिजर्व तथा अल्मोड़ा वन प्रभाग की रानीखेत, जौरासी, द्वाराहाट और अल्मोड़ा रेंज की टीमें कैंप कर सहयोग कर रही हैं। गश्ती दल पिंजरों, कैमरा ट्रैप, एनाइडर और अन्य उपकरणों की नियमित जांच कर रहे हैं। वन विभाग द्वारा क्षेत्र में सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को लगातार मजबूत किया जा रहा है।


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