जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्डनैनीताल बाबा नीब करौरी के प्रसिद्ध कैंची धाम में लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रशासन ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुट गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कैंची धाम पहुंचने से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा। प्रशासन की योजना के अनुसार, पंजीकरण के बिना धाम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल तैयार करने और व्यवस्था को जल्द लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।मंगलवार को जिला विकास प्राधिकरण सभागार में आयोजित बैठक में मंडलायुक्त दीपक रावत ने अधिकारियों को पंजीकरण व्यवस्था शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। इस संबंध में जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजेंगे। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक दिन में 40 हजार श्रद्धालु पहुंचने से बढ़ी चिंता
प्रस्तावित पंजीकरण व्यवस्था का उद्देश्य श्रद्धालुओं की संख्या का पूर्वानुमान लगाने के साथ ही आसपास के क्षेत्रों में उपलब्ध आवासीय सुविधाओं का बेहतर उपयोग करना भी है। अधिकारियों के अनुसार, नैनीताल, भीमताल और मुक्तेश्वर क्षेत्र में करीब 20 हजार बेड की आवासीय क्षमता है। इसके अलावा क्षेत्र में 1019 होमस्टे उपलब्ध हैं।ऑनलाइन पंजीकरण के माध्यम से प्रशासन को पहले ही जानकारी मिल सकेगी कि किस दिन कितने श्रद्धालुओं के कैंची धाम पहुंचने की संभावना है। इस जानकारी के आधार पर उपलब्ध आवासीय क्षमता और संभावित भीड़ के बीच तालमेल बैठाया जा सकेगा। साथ ही, जरूरत के अनुसार पुलिस बल की तैनाती, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था की योजना भी तैयार की जा सकेगी।
पोर्टल शुरू होने की तारीख का इंतजार
प्रशासन का मानना है कि पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से श्रद्धालुओं की संख्या का पूर्वानुमान लगाना आसान होगा और अचानक उमड़ने वाली भीड़ से निपटने में मदद मिलेगी। इससे कैंची धाम के साथ-साथ आसपास के पर्यटन स्थलों और आवासीय सुविधाओं पर पड़ने वाले दबाव को भी बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।फिलहाल श्रद्धालुओं की नजरें ऑनलाइन पंजीकरण पोर्टल शुरू होने और इससे जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देशों पर टिकी हैं। पोर्टल शुरू होने की तारीख, पंजीकरण की प्रक्रिया और प्रवेश संबंधी नियमों की आधिकारिक जानकारी जारी होना बाकी है। ऐसे में श्रद्धालुओं को यात्रा की योजना बनाने से पहले प्रशासन की ओर से जारी होने वाले अंतिम निर्देशों पर ध्यान देना होगा।कैंची धाम में श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या प्रशासन के लिए चुनौती बनती जा रही है। जून के बाद से यहां श्रद्धालुओं की आवाजाही में तेजी आई है। मेले के दौरान महज तीन दिनों में करीब 1.30 लाख श्रद्धालु धाम पहुंचे थे। सामान्य सप्ताहांत में भी 20 से 25 हजार लोगों के पहुंचने की बात सामने आई है। वहीं, पिछले सप्ताहांत एक दिन में करीब 40 हजार श्रद्धालुओं के पहुंचने का आंकड़ा सामने आने के बाद प्रशासन को भीड़ प्रबंधन के लिए नई व्यवस्था बनाने की जरूरत महसूस हुई है।श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के चलते यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और ठहरने की व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में प्रशासन का प्रयास है कि धाम पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या का पहले से अनुमान लगाकर आवश्यक इंतजाम किए जाएं, ताकि यात्रा के दौरान अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।
20 हजार बेड और 1019 होमस्टे की क्षमता का आकलन
