Sun. Aug 9th, 2026
Spread the love

ऊखीमठ! तुंगनाथ घाटी के विभिन्न यात्रा पड़ावों पर अतिक्रमण हटाने पहुंची तहसील, पुलिस प्रशासन व वन विभाग की टीम को बैरंग लौटना पड़ा! तुंगनाथ घाटी के विभिन्न यात्रा पड़ावों पर अतिक्रमण हटाने का व्यापारियों , महिलाओं व ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया जिस कारण तुंगनाथ घाटी के जनमानस में खासा आक्रोश है! इस दौरान व्यापारियों, महिलाओं ग्रामीणों व प्रशासन के बीच काफी नोकझोक भी हुई तथा महिलाओं ने जेसीबी मशीनों पर चढ़कर अतिक्रमण हटाने का कड़ा विरोध कर प्रदेश सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की! इस दौरान जेसीबी मशीनों को हल्का नुकसान भी हुआ है तथा विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों ने तुंगनाथ घाटी पहुँच कर प्रभावित व्यापारियों को अपना समर्थन दिया! दोपहर बाद उपजिलाधिकारी द्वारा तीन दिन का समय देने के बाद ही मामला शान्त हो पाया ! बता दे कि न्यायालय के आदेश पर बुधवार को तहसील प्रशासन, पुलिस प्रशासन व वन विभाग के अधिकारी मयफोर्स व जेसीबी मशीनों के साथ तुंगनाथ घाटी में अतिक्रमण हटाने के लिए मक्कूबैण्ड पहुंचे तो वहाँ पूर्व से मौजूद सैकड़ों व्यापारियों, ग्रामीण महिलाओं ने अतिक्रमण हटाने का पुरजोर विरोध किया तथा धरना देकर प्रदेश सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार किया! व्यापारियों व ग्रामीणों का कहना था कि एक तरफ प्रदेश सरकार तीर्थाटन, पर्यटन व्यवसाय को बढ़ावा देने का ढिंढोरा पीट रही है दूसरी तरफ युगों से यात्रा पड़ावों पर व्यवसाय कर रहे युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है! व्यापारियों व ग्रामीणों का कहना था कि स्थानीय व्यापारियों द्वारा बार – बार रोजगार व पर्यटन नीति बनाने की मांग की जा रही है मगर प्रदेश सरकार मौन बनी हुई है! व्यापारियों का कहना था कि चार धाम यात्रा का संचालन युगों से हो रहा है तथा चार धाम यात्रा के संचालन में स्थानीय लोगों द्वारा युगों से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही है फिर भी स्थानीय हक – हकूकधारियो की रोजी – रोटी के साथ खिलवाड़ करने की साजिश रची जा रही है! व्यापारियों व ग्रामीणों का कहना था कि प्रदेश सरकार को हाई कोर्ट में व्यापारियों व युवाओं का पक्ष रखने की पहल करनी चाहिए थी मगर इस दिशा में प्रदेश सरकार की तरफ से पहल न होने से स्पस्ट हो गया है कि प्रदेश सरकार की पहल पर अतिक्रमण हटाने की पहल की जा रही है! तुंगनाथ घाटी के मक्कूबैण्ड में दोपहर बाद ज्यूं ही अतिक्रमण हटाने की तैयारी हुई तो महिलाओं ने जेसीबी मशीनों पर चढ़कर अतिक्रमण हटाने का विरोध कर प्रदेश सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की! इस दौरान पुलिस, तहसील प्रशासन, वन विभाग, व ग्रामीण महिलाओं तथा व्यापारियों के बीच काफी नोकझोक हुई तथा जेसीबी मशीनों को हल्का नुकसान भी हुआ! घटना स्थल पर पहुंचे उपजिलाधिकारी जितेन्द्र वर्मा ने ग्रामीणों व व्यापारियों को तीन दिन का समय देते हुए कहा कि या तो व्यापारी न्यायालय में अपना पक्ष रखे या फिर व्यापारियों का शिष्टमंडल तहसील प्रशासन से वार्ता के लिए पहुंचे तथा बीच का सुझाव निकालने के बाद ही न्यायालय के आदेशों का पालन हो सकता है! इस मौके पर तहसील, पुलिस प्रशासन ,वन विभाग के अधिकारी, भारी संख्या में जवान व कर्मचारी, व्यापारी व ग्रामीण मौजूद थे!

You missed