जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा, 13 सितंबर NDA एवं CDS की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर SSB/इंटरव्यू के लिए पात्र आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को शासनादेश के तहत मिलने वाली ₹50,000 की सहायता राशि समय पर उपलब्ध नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ने लगी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि आवेदन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के चार से छह माह बाद भी कई पात्र अभ्यर्थियों के खातों में सहायता राशि नहीं पहुंची है।
वर्ष 2019 के शासनादेश के तहत NDA एवं CDS की लिखित परीक्षा उत्तीर्ण कर SSB/इंटरव्यू के लिए पात्र आर्थिक रूप से कमजोर अभ्यर्थियों को ₹50,000 की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इस सहायता का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को SSB/इंटरव्यू की तैयारी एवं उसमें शामिल होने में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।
अभ्यर्थियों ने बताया कि आगामी एक-दो महीनों में कई अभ्यर्थियों के SSB/इंटरव्यू निर्धारित हैं। ऐसे में लंबे समय से सहायता राशि लंबित रहने के कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सहायता समय पर नहीं मिलती है तो योजना का मूल उद्देश्य ही प्रभावित हो जाता है।
इस मामले को लेकर अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं प्रमुख सचिव को ज्ञापन भेजा है। ज्ञापन में लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करते हुए पात्र अभ्यर्थियों के खातों में ₹50,000 की सहायता राशि तत्काल भेजने की मांग की गई है।
वीरासत हमर अल्मोड़ा के संयोजक राजीव गुरुरानी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर SSB/इंटरव्यू के लिए चयनित होने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को सरकार की ओर से निर्धारित सहायता समय पर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आवेदन और सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद महीनों तक राशि लंबित रहना गंभीर विषय है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पात्र अभ्यर्थियों की लंबित सहायता राशि शीघ्र जारी नहीं की गई तो अभ्यर्थी लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
अभ्यर्थियों ने प्रशासन और शासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए लंबित आवेदनों का तत्काल निस्तारण करने तथा SSB/इंटरव्यू से पूर्व ₹50,000 की सहायता राशि उपलब्ध कराने की मांग की है।