Wed. Jul 8th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा राजस्व उपखंड रानीखेत के मजखाली क्षेत्र से एक सप्ताह पूर्व लापता हुई 28 वर्षीय युवती को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने सात दिनों तक चले कठिन और चुनौतीपूर्ण सर्च अभियान के बाद घने जंगल से घायल अवस्था में सकुशल बरामद कर लिया। लगातार हो रही बारिश, दुर्गम पहाड़ी रास्तों और घने जंगलों के बीच चलाया गया यह अभियान एसडीआरएफ की तत्परता और साहस का उदाहरण बन गया।
जानकारी के अनुसार, युवती 1 जुलाई 2026 की शाम घर से घूमने के लिए निकली थी, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 4 जुलाई को जिला नियंत्रण कक्ष (डीसीआर) अल्मोड़ा से सूचना मिलने पर सेनानायक एसडीआरएफ के निर्देश पर सरियापानी टीम को तत्काल खोज एवं बचाव अभियान के लिए रवाना किया गया।
एसडीआरएफ की टीम ने मजखाली, कालिका, दलमोटी, सुंदरखाल, बूबूधाम समेत आसपास के दुर्गम क्षेत्रों में लगातार सघन तलाशी अभियान चलाया। खराब मौसम और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद जवान लगातार जंगलों और पहाड़ियों में खोजबीन करते रहे।
आखिरकार 7 जुलाई की अपराह्न लगभग 4:30 बजे टीम को सफलता मिली। युवती सुंदरखाल गांव से करीब चार किलोमीटर दूर घने जंगल में घायल अवस्था में मिली। एसडीआरएफ कर्मियों ने मौके पर प्राथमिक उपचार दिया और स्ट्रेचर के माध्यम से करीब पांच किलोमीटर के दुर्गम पैदल रास्ते से उसे सड़क तक पहुंचाया। वहां से एम्बुलेंस के जरिए उपचार के लिए राजकीय चिकित्सालय रानीखेत भेजा गया।
युवती के सकुशल मिलने पर परिजनों ने एसडीआरएफ टीम का आभार व्यक्त करते हुए उनके साहस, समर्पण और अथक प्रयासों की सराहना की। जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने भी रेस्क्यू अभियान में शामिल टीम की प्रशंसा करते हुए इसे उत्कृष्ट कार्य बताया।
रेस्क्यू अभियान में एसडीआरएफ के उपनिरीक्षक पंकज डंगवाल, हेड कांस्टेबल आशीष रावत, आरक्षी बालम सिंह, होमगार्ड धीरज भारती, होमगार्ड राजेंद्र गिरी, टीसी पवन नेगी तथा डीआर कुलदीप सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।