Wed. May 13th, 2026
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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा माँ अम्बे इंस्टीट्यूट में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय नर्सेज दिवस समारोह में नर्सिंग सेवा के महत्व और स्वास्थ्य क्षेत्र में नर्सों की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नर्सें स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका योगदान समाज कभी नहीं भूल सकता।
समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। स्वागत नृत्य, समूह गीत और नर्सिंग सेवा पर आधारित लघु नाटिका कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने मंचन के माध्यम से नर्सों की सेवा भावना और समर्पण को दर्शाया।
मुख्य अतिथि प्रेमलता ने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक नर्स मरीज को दवा के साथ मानसिक सहारा और विश्वास भी देती है, जिससे मरीज को जल्दी स्वस्थ होने की प्रेरणा मिलती है।
वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग पेशे में धैर्य, अनुशासन और सहनशीलता सबसे महत्वपूर्ण गुण हैं। उन्होंने कहा कि एक अच्छी नर्स वही होती है जो मरीजों के दर्द को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ सेवा करे।
एकता और सुरजीत कौर ने कोविड महामारी के दौरान नर्सों की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी नर्सों ने साहस और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाकर मानवता की मिसाल पेश की।
संस्थान के चेयरमैन ठाकुर संदीप सिंह ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं बल्कि ऐसे स्वास्थ्य कर्मी तैयार करना है जो समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझें। वहीं वाइस चेयरपर्सन डॉ. प्रीती पाल ने कहा कि वर्तमान समय में नर्सिंग युवाओं के लिए बेहतर करियर विकल्प बनकर उभरा है और देश-विदेश में प्रशिक्षित नर्सों की मांग लगातार बढ़ रही है।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जीवन और योगदान पर आधारित विशेष प्रस्तुति भी दी। इस दौरान नर्सिंग क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ।