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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा,  पर्वतीय जनपद अल्मोड़ा में विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बीच सिंचाई की सुविधा कृषि विकास की बड़ी चुनौती रही है। वर्षा आधारित खेती पर निर्भर किसानों को समय पर पानी उपलब्ध नहीं होने से कई खेत खाली रह जाते थे। अब विकासखंड स्याल्ट के ग्राम पार्थोला में स्प्रिंकलर आधारित लिफ्ट सिंचाई योजना ने किसानों की इस समस्या को काफी हद तक दूर किया है।
लघु डाल खंड, अल्मोड़ा द्वारा मुख्यमंत्री घोषणा के अंतर्गत नाबार्ड मद से करीब 192.63 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस योजना के माध्यम से रामगंगा नदी से पानी को आधुनिक तकनीक के जरिए लगभग 192 मीटर की ऊंचाई तक लिफ्ट कर किसानों के खेतों तक पहुंचाया जा रहा है। दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में इतनी ऊंचाई तक पानी पहुंचाना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण था, लेकिन योजना के सफल संचालन से यह संभव हुआ है।
योजना शुरू होने के बाद वर्षों से वर्षा पर निर्भर और खाली पड़े खेतों में दोबारा खेती शुरू हुई है। सिंचाई सुविधा मिलने से किसानों को फसलों के लिए समय पर पानी उपलब्ध हो रहा है, जिससे कृषि उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। किसान पारंपरिक अनाजों के साथ अब सब्जियां, मसाले, औषधीय पौधे और अन्य नगदी फसलों की खेती कर रहे हैं।
सिंचाई सुविधा ने किसानों की खेती पर निर्भरता को मजबूती देने के साथ उनकी आय बढ़ाने में भी मदद की है। खेती के प्रति ग्रामीणों का रुझान बढ़ने से गांव की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
पार्थोला की यह स्प्रिंकलर आधारित लिफ्ट सिंचाई योजना पर्वतीय क्षेत्रों में आधुनिक सिंचाई तकनीक के उपयोग का उदाहरण बनकर सामने आई है। योजना से खेतों तक पानी पहुंचने के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।