जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित VIP एंगल और दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल नियुक्ति को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह भोज ने कहा कि अंकिता भंडारी केवल उत्तराखंड की बेटी नहीं थी, बल्कि उसकी हत्या पूरे प्रदेश के स्वाभिमान, मातृशक्ति और न्याय व्यवस्था से जुड़ा बेहद संवेदनशील मामला है। ऐसे में जब अंकिता के माता-पिता आज भी न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, तब मामले से जुड़े कथित VIP एंगल को लेकर सवालों के बीच दुष्यंत कुमार गौतम को संवैधानिक पद पर नियुक्त किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
भोज ने कहा कि किसी भी आरोप की सच्चाई का निर्धारण निष्पक्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही होना चाहिए, लेकिन जब पीड़ित परिवार की ओर से भी किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर सवाल उठाए जाते रहे हों और VIP एंगल की जांच की मांग लगातार सामने आती रही हो, तो पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच बेहद जरूरी हो जाती है।
उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार और जांच एजेंसियां मामले में किसी VIP की संलिप्तता से इनकार करती हैं तो अब तक उठाए गए तमाम सवालों का स्पष्ट और संतोषजनक जवाब सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं दिया गया। भोज ने कहा कि जनवरी 2026 में उत्तराखंड सरकार की ओर से भी VIP एंगल समेत मामले की CBI जांच के लिए केंद्र को औपचारिक अनुरोध भेजे जाने की बात सामने आई थी। ऐसे में जांच को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
‘अंकिता के माता-पिता की पीड़ा को राजनीति के चश्मे से न देखा जाए’
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा कि अंकिता के माता-पिता आज भी अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। एक मां-बाप की पीड़ा को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। उनकी मांगों को गंभीरता से सुनना सरकार और संवैधानिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल जैसा संवैधानिक पद राजनीतिक विवादों से ऊपर होना चाहिए। इसलिए जब तक अंकिता भंडारी प्रकरण से जुड़े कथित VIP एंगल की निष्पक्ष जांच पूरी नहीं होती, तब तक दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवालों पर केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन की ओर से स्पष्ट जवाब दिया जाना चाहिए।
‘प्रभावशाली व्यक्ति हो तो भी कानून से ऊपर नहीं’
भोज ने CBI जांच को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके पद, राजनीतिक पहुंच या प्रभाव की परवाह किए बिना कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता यह जानना चाहती है कि अंकिता को न्याय कब मिलेगा और कथित VIP एंगल का सच कब सामने आएगा। यह लड़ाई किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई है।
भोज ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अंकिता भंडारी के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है और जब तक प्रकरण से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष जांच के माध्यम से समाधान नहीं होता, तब तक कांग्रेस लोकतांत्रिक और गांधीवादी तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।
