जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा, 15 जुलाई मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 16 जुलाई को प्रस्तावित जागेश्वर दौरे से एक दिन पहले युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव एवं क्षेत्र पंचायत सदस्य त्रिनैली (वृद्ध जागेश्वर) अधिवक्ता गोपाल भट्ट ने क्षेत्र के समग्र विकास को लेकर सरकार से पांच प्रमुख मांगें उठाई हैं। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जारी करते हुए उन्होंने कहा कि इस बार क्षेत्र की जनता केवल घोषणाएं, शिलान्यास और फोटो सेशन नहीं, बल्कि बजट, समयसीमा और धरातल पर दिखने वाला विकास चाहती है।
गोपाल भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पूर्व में कई बार जागेश्वर क्षेत्र का दौरा कर चुके हैं और अनेक घोषणाएं भी की गईं, लेकिन आज भी क्षेत्र की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि पिछली घोषणाओं में से कितनी योजनाएं पूरी हुईं और कितनी अब भी सरकारी फाइलों में लंबित हैं।
उन्होंने वृद्ध जागेश्वर मंदिर क्षेत्र के समग्र विकास, मंदिर के समीप पार्किंग और आधुनिक धर्मशाला के निर्माण के साथ श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं विकसित करने की मांग की। इसके अलावा भैसियाछाना ब्लॉक के जौलबाज-थीकलना मोटर मार्ग के तत्काल डामरीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए बजट स्वीकृत करने की मांग करते हुए कहा कि यह सड़क पांच ग्राम सभाओं के करीब तीन हजार लोगों की जीवनरेखा है, लेकिन वर्तमान में इसकी स्थिति बेहद जर्जर और दुर्घटना संभावित है।
गोपाल भट्ट ने चेतावनी दी कि यदि वर्षों से लंबित इस सड़क पर अब भी कार्य शुरू नहीं हुआ तो स्थानीय जनता आगामी विधानसभा चुनाव में लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव बहिष्कार जैसे विकल्प पर भी विचार करने के लिए बाध्य होगी।
ज्ञापन में जागेश्वर धाम में आधुनिक बहुस्तरीय पार्किंग के निर्माण, वृद्ध जागेश्वर-कोटेश्वर तथा भगरतोला-चमुवा-कपकोली मोटर मार्गों के चौड़ीकरण, डामरीकरण और सुरक्षा दीवारों के निर्माण की भी मांग की गई है।
उन्होंने गरुड़ाबांज स्थित मुंशी हरिप्रसाद टम्टा पारंपरिक शिल्प उन्नयन संस्थान के निर्माण के लिए तत्काल धनराशि जारी कर कार्य शुरू करने की मांग करते हुए कहा कि इससे तांबा, काष्ठ एवं रिंगाल शिल्प को नई पहचान मिलेगी और लगभग 10 हजार युवाओं एवं महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
गोपाल भट्ट ने कहा कि सरकार स्पष्ट करे कि पूर्व में घोषित योजनाओं पर कितना बजट खर्च हुआ, कौन-कौन से कार्य पूरे हुए और कौन-सी योजनाएं अभी लंबित हैं। उन्होंने कहा कि 16 जुलाई का मुख्यमंत्री का दौरा सरकार के लिए परीक्षा की तरह है। क्षेत्र की जनता अब केवल वादे नहीं, बल्कि विकास के ठोस परिणाम, जवाबदेही और समयबद्ध कार्ययोजना देखना चाहती है।
