जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
NEET पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकक्रोच जनता पार्टी (CJP) का संसद मार्च सोमवार को उग्र हो गया। जंतर-मंतर से निकले प्रदर्शनकारियों का जत्था संसद के मुख्य द्वार तक पहुंच गया, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। हालात को देखते हुए संसद का मेन गेट बंद कर दिया गया और पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

इस बीच CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने ढाई दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया। उनके साथ 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे तीन अन्य छात्रों ने भी अपना अनशन खत्म कर दिया। वहीं पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने बताया कि सरकार की ओर से बातचीत के लिए संपर्क किया गया है और वे केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मिलने जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी अपनी मांगों पर स्पष्ट और अडिग है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में CJP समर्थक राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पहुंच गए, जहां कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी बीच राजीव चौक, जंतर-मंतर, पटेल चौक, मंडी हाउस और संसद के आसपास कई इलाकों में इंटरनेट सेवाएं प्रभावित होने की शिकायतें भी सामने आईं। विपक्षी छात्र संगठनों ने इसे लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
दूसरी ओर, सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक ने अस्पताल प्रशासन को पत्र लिखकर संसद मार्च में शामिल होने की अनुमति मांगी। अस्पताल की ओर से बताया गया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है और डॉक्टर लगातार निगरानी कर रहे हैं। वहीं, उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में दोपहर ढाई बजे सुनवाई प्रस्तावित है।