जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की मौजूदगी में भाजपा नेताओं द्वारा सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने का मामला अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह भोज ने सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए सवाल किया कि सरकारी नियुक्ति पत्र बांटने का संवैधानिक और कानूनी अधिकार आखिर भाजपा नेताओं को किसने दिया?


भोज ने कहा कि सरकारी नियुक्तियां किसी राजनीतिक दल की जागीर नहीं हैं। यह संविधान, कानून और पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत योग्य अभ्यर्थियों को दी जाती हैं। ऐसे में भाजपा पदाधिकारियों द्वारा नियुक्ति पत्र बांटना प्रशासनिक निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
उन्होंने सीधे मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को घेरते हुए पूछा कि उनकी मौजूदगी में भाजपा नेताओं को किस सरकारी आदेश, किस नियम और किस संवैधानिक अधिकार के तहत नियुक्ति पत्र वितरित करने की अनुमति दी गई? यदि यह सरकारी कार्यक्रम था तो मंच पर सरकारी अधिकारियों की जगह भाजपा पदाधिकारी क्यों दिखाई दिए, और यदि यह भाजपा का कार्यक्रम था तो वहां सरकारी नियुक्ति पत्र कैसे बांटे गए?
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा युवाओं में यह संदेश देने की कोशिश कर रही है कि सरकारी नौकरियां उसकी कृपा से मिलती हैं, जबकि सच्चाई यह है कि नौकरियां संविधान और चयन प्रक्रिया के तहत मिलती हैं, किसी राजनीतिक दल की मेहरबानी से नहीं।

भोज ने कहा कि भाजपा लगातार सरकारी योजनाओं, सरकारी कार्यक्रमों और सरकारी संसाधनों का राजनीतिक लाभ लेने में जुटी हुई है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताते हुए कहा कि यदि सरकार और पार्टी के बीच की सीमाएं इसी तरह मिटाई जाती रहीं तो प्रशासनिक निष्पक्षता पर जनता का भरोसा कमजोर होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से पूरे मामले पर सार्वजनिक जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि यदि भाजपा नेताओं ने बिना किसी वैधानिक अधिकार के सरकारी नियुक्ति पत्र वितरित किए हैं तो पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
भूपेन्द्र भोज ने स्पष्ट कहा कि सरकारी नियुक्तियां भाजपा की उपलब्धि नहीं, बल्कि संविधान द्वारा सुनिश्चित प्रक्रिया का परिणाम हैं। इसलिए सरकार को बताना होगा कि सरकारी अधिकारों का राजनीतिक इस्तेमाल आखिर कब तक चलता रहेगा।
