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जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा, 8 अगस्त उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के तत्वावधान में नगर निगम सभागार में आयोजित व्याख्यान में देश के प्रख्यात मानवशास्त्री डा. कृष्णमूर्ति ने भारतीय परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों और जीवनशैली के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत की परंपरागत चिकित्सा पद्धतियां हजारों वर्षों से प्रभावी रही हैं और इनके आधार में प्राकृतिक संसाधनों तथा संतुलित जीवनशैली का महत्वपूर्ण योगदान है।


डा. कृष्णमूर्ति ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति में हजारों प्रकार की दवाइयां उपलब्ध हैं, जिन्हें याद रखना किसी भी चिकित्सक के लिए आसान नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे एलोपैथिक चिकित्सा का विकास हुआ है, वैसे-वैसे विभिन्न बीमारियों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। उन्होंने भारतीय चिकित्सा परंपरा में रोग के लक्षणों को विशेष महत्व दिए जाने की बात कही। कफ, पित्त और वात के संतुलन को शरीर के स्वास्थ्य से जोड़ते हुए उन्होंने विभिन्न वनस्पतियों और प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग की जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि प्राचीन भारतीय परंपराएं केवल चिकित्सा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। नियमित व्यायाम, नित्य भ्रमण, संतुलित खानपान और अनुशासित दिनचर्या को अपनाकर व्यक्ति स्वस्थ जीवन जी सकता है। उन्होंने एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति एवं पारंपरिक भारतीय चिकित्सा का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से विश्लेषण करते हुए शरीर की संरचना के विभिन्न पक्षों पर भी चर्चा की।

व्याख्यान में शरीर के लिए प्रोटीन के महत्व तथा भारतीय खानपान और पारंपरिक अनाज में उपलब्ध पोषक तत्वों की भी जानकारी दी गई। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खानपान को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने और जीवन में अपनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम का संचालन दयाकृष्ण काण्डपाल ने किया तथा अध्यक्षता जगजीवन बिष्ट ने की। मुख्य अतिथि डा. कृष्णमूर्ति का उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के उपाध्यक्ष गोपेश उप्रेती, महासचिव दयानन्द कठैत, कोषाध्यक्ष दिनेश भट्ट, रमेश जोशी, प्रकाश चन्द्र पाण्डे, बसुधा पन्त और उदय किरौला ने संयुक्त रूप से स्वागत किया।

कार्यक्रम को डीआरडीओ से सेवानिवृत्त वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा. हेमन्त पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डा. बसुधा पन्त, ‘बाल प्रहरी’ के संपादक उदय किरौला, पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डा. जे.सी. दुर्गापाल, रेडक्रॉस के मनोज सनवाल, आर्य समाज से डा. दिनेश चन्द्र तिवारी, मोहन सिंह रावत सहित जीजीआईसी के छात्र-छात्राओं और शिक्षिकाओं ने भागीदारी की।

अंत में उत्तराखण्ड श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के महासचिव दयानन्द कठैत एवं अध्यक्ष जगजीवन बिष्ट ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।