जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा नगर के खोल्टा क्षेत्र में लंबे समय से दुर्घटना की आशंका बने एक खतरनाक तीखे मोड़ पर आखिरकार क्रश बैरियर लगाए जाने से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। सड़क किनारे सुरक्षा व्यवस्था नहीं होने के कारण इस स्थान पर वाहन चालकों के साथ ही राहगीरों और गौवंश की सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार गौवंश सड़क से नीचे खाई में गिरकर चोटिल हो चुके हैं, जबकि दोपहिया वाहन भी यहां दुर्घटनाग्रस्त हुए हैं।
मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय पार्षद अमित साह ‘मोनू’ ने संबंधित विभाग एवं राष्ट्रीय राजमार्ग के अधिकारियों के समक्ष इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने तीखे मोड़ पर तत्काल क्रश बैरियर अथवा मजबूत सुरक्षा दीवार लगाए जाने की मांग की थी, ताकि किसी अनियंत्रित वाहन के खाई में गिरने की आशंका को कम किया जा सके।
पार्षद द्वारा मामला जिलाधिकारी अंशुल सिंह के संज्ञान में लाए जाने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। डीएम के निर्देश के बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए खोल्टा के उक्त दुर्घटना संभावित मोड़ पर क्रश बैरियर स्थापित कर दिया।
क्रश बैरियर लगने से अब इस मार्ग पर आवागमन करने वाले वाहन चालकों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर रात के समय और बरसात के दौरान सड़क पर फिसलन बढ़ने की स्थिति में यह सुरक्षा व्यवस्था हादसों के खतरे को कम करने में मददगार साबित होगी।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि यह मोड़ लंबे समय से जोखिमपूर्ण बना हुआ था। तीखे मोड़ और सड़क किनारे गहरी खाई होने के बावजूद यहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं थे। वाहन के संतुलन बिगड़ने की स्थिति में सीधे खाई में गिरने का खतरा बना रहता था। स्थानीय लोगों के अनुसार कई बार गौवंश भी यहां से नीचे गिर चुके हैं, जिन्हें लोगों की मदद से खाई से बाहर निकाला गया।
पार्षद अमित साह ‘मोनू’ ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते क्षेत्र की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाना और उनका समाधान कराना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि खोल्टा के इस मोड़ पर लगातार दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी और किसी बड़े हादसे से पहले सुरक्षा व्यवस्था किया जाना जरूरी था।
उन्होंने जिलाधिकारी अंशुल सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिलाधिकारी ने जनहित से जुड़े इस मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना देरी किए संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप अब क्रश बैरियर लगा दिया गया है।
स्थानीय लोगों ने भी क्रश बैरियर लगाए जाने पर खुशी जताते हुए जिलाधिकारी अंशुल सिंह और पार्षद अमित साह ‘मोनू’ का आभार व्यक्त किया। लोगों ने कहा कि लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने से अब इस मार्ग पर आवागमन पहले की अपेक्षा सुरक्षित होगा।
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से नगर के अन्य दुर्घटना संभावित स्थानों को भी चिह्नित कर वहां सुरक्षा दीवार, पैराफिट और क्रश बैरियर लगाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि पर्वतीय क्षेत्रों में तीखे मोड़ों और गहरी खाइयों वाले स्थानों पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बेहद जरूरी हैं।
इस अवसर पर पार्षद अभिषेक जोशी, सुनील कर्नाटक, देवेंद्र सिंह फर्त्याल, अतुल पांडे, सुनील नंदा, कमल तिवारी एडवोकेट, अंजू पांडेय, शांति भट्ट, पूरन चंद्र भट्ट, दीपक पंत, महेंद्र सिंह, प्रकाश जोशी, जीवन चंद्र पंत, राजा जोशी आदि मौजूद रहे।
