जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
दिल्ली केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी नेताओं ने इसे छात्रों के संघर्ष और जनदबाव की जीत बताते हुए केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
विपक्ष की ओर से कहा गया कि “लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम से है। सरकार का घमंड आखिरकार टूट गया। बहुत देर कर दी हुज़ूर आते-आते।” नेताओं का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को लंबे समय तक नजरअंदाज किया गया, जिसके बाद सरकार को यह फैसला लेना पड़ा।
विपक्ष ने कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग जारी रहेगी। वहीं, सत्तापक्ष की ओर से अभी इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
