जनतानामा न्यूज़ अल्मोड़ा उत्तराखण्ड
अल्मोड़ा, उत्तराखंड भाजपा के प्रथम प्रदेश अध्यक्ष, वरिष्ठ जननेता एवं पूर्व पर्वतीय विकास मंत्री स्व. पूरन चन्द्र शर्मा की पुण्यतिथि पर शनिवार को नगर निगम सभागार में ‘विरासत हमारा परिवार’ के तत्वावधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने स्व. पूरन चन्द्र शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके राजनीतिक, सामाजिक एवं संगठनात्मक योगदान को स्मरण किया।
कार्यक्रम के संयोजक राजीव गुरुरानी ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का जीवन सादगी, जनसेवा और संगठन के प्रति समर्पण का उदाहरण रहा। अल्मोड़ा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने नगर की पेयजल समस्या के समाधान के लिए दूरदर्शी प्रयास किए। उन्होंने कहा कि विधायक एवं पर्वतीय विकास मंत्री के रूप में शर्मा ने दूरस्थ पर्वतीय गांवों तक विकास की सुविधाएं पहुंचाने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि स्व. शर्मा अल्मोड़ा से कमल के निशान पर निर्वाचित होने वाले भाजपा के प्रथम विधायक रहे। संगठन के प्रारंभिक दौर में उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ सीधे संवाद और जनसंपर्क को प्राथमिकता देते हुए पार्टी को मजबूत आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा जैसे नेताओं के योगदान को स्मरण करना जरूरी है, ताकि नई पीढ़ी उनके संघर्ष और कार्यों से परिचित हो सके। उन्होंने कहा कि नगरपालिका परिषद के अध्यक्ष रहते हुए भी शर्मा अपने स्पष्टवादी और दृढ़ व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। जिस कार्य को करने का निर्णय लेते थे, उसे पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से जुट जाते थे।
नयाल ने भक्तोला सम्मेलन में उत्तराखंड राज्य की मांग उठाए जाने के संदर्भ में भी स्व. पूरन चन्द्र शर्मा की भूमिका का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी दूरदर्शिता ने अल्मोड़ा और उत्तराखंड के विकास की दिशा तय करने में योगदान दिया।
कैलाश शर्मा ने स्व. पूरन चन्द्र शर्मा के जीवन-वृत्तांत पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व अनुशासनप्रिय और समय का पाबंद था। छात्र जीवन में उन्होंने जेपी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई और आपातकाल के दौरान जेल में रहने के दौरान उनकी मुलाकात शोबन सिंह जीना से हुई। इसके बाद वे संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय हुए।
उन्होंने बताया कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा जनसंघ के महामंत्री भी रहे। कैलाश शर्मा ने कहा कि कार्यकर्ताओं का सम्मान करना उनके स्वभाव में था। वे पद के आधार पर कार्यकर्ताओं के बीच भेद नहीं करते थे और प्रत्येक कार्यकर्ता के योगदान को महत्व देते थे।
पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष बिपिन भट्ट ने कहा कि आपातकाल और राम जन्मभूमि आंदोलन जैसे महत्वपूर्ण दौरों में पुराने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के योगदान को स्मरण किया जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संगठन के निर्माण के पीछे रही विचारधारा और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा की स्मृति को जीवंत रखने के लिए सामाजिक एवं सार्वजनिक संस्थानों के नामकरण में भी उनके योगदान को स्थान दिया जाना चाहिए।
रमेश बहुगुणा ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का जीवन संगठन, समाज और कार्यकर्ताओं के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण रहा। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों के बावजूद शर्मा ने अपने सिद्धांतों और विचारों से समझौता किए बिना संगठन तथा समाज के लिए कार्य किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि स्व. पूरन चन्द्र शर्मा का सार्वजनिक जीवन केवल राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने संगठन निर्माण, पर्वतीय विकास और जनसमस्याओं के समाधान के लिए निरंतर कार्य किया। उनकी कार्यशैली में स्पष्टवादिता, अनुशासन, दूरदर्शिता और कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान प्रमुख रूप से दिखाई देता था।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने स्व. पूरन चन्द्र शर्मा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और दो मिनट का मौन रखा।
इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, पूर्व विधायक कैलाश शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, पूर्व जिलाध्यक्ष बिपिन भट्ट, महामंत्री दर्शन रावत, धर्मेंद्र बिष्ट, महेंद्र रावत, जगत कनवाल, मनीष जोशी, जगमोहन बिष्ट, जगत भट्ट, त्रिलोक राम, हरीश सतवाल, मंडल अध्यक्ष संजय बिष्ट, नवीन बिष्ट, पूर्णानंद शर्मा, नगर अध्यक्ष कमला तिवारी, बीना नयाल, दीपा पांडे, दीपा अधिकारी, ममता साह, ज्योति लटवाल, मीना नेगी, प्रेम लटवाल, आनंद कनवाल, हरीश कनवाल, नमन गुरुरानी, संजय बिष्ट, अर्जुन कनवाल, नीरज सांगा, हिमाल शर्मा, मोहित बिष्ट, पंकज रौतेला सहित ‘विरासत हमारा परिवार’ से जुड़े पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।